भास्कर संवाददाता | आलीराजपुर
माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित बोर्ड परीक्षा परिणाम के बाद जिले के कई स्कूल फिसड्डी साबित हुए तो कई ने बेहतर प्रदर्शन किया। हाई स्कूल की बात की जाए तो जिले के 94 हाई स्कूल में से 14 में 40% से कम परिणाम रहा। जबकि 10 स्कूलों का 90 से 100 फीसद के बीच रहा।
इसी प्रकार 39 हायर सेकंडरी में से 4 का 40 प्रतिशत से कम और 3 का 90 से 100 फीसद के बीच परिणाम रहा। लेकिन आलीराजपुर विधायक नागरसिंह चौहान के गृह ग्राम डोबलाझिरी के शासकीय हाईस्कूल (नवीन) ने 100 प्रतिशत परीक्षा परिणाम दिया है। क्योंकि यहां दो विद्यार्थी ही थे और दोनों ही पास हो गए जो प्रथम व द्वितीय रहे। गौरतलब है कि पिछले साल इस स्कूल का परिणाम शून्य प्रतिशत रहा था। क्योंकि यहां 3 विद्यार्थी अध्यनरत थे जिसमें से एक को पूरक आई थी तो 2 विद्यार्थी फेल हो गए थे।
फर्जी परीक्षार्थी बैठाने वाला था केंद्र : उमावि बरझर में कक्षा 12वीं में 445 में से मात्र 11 हुए पास
वहीं बरझर में परीक्षा के दौरान फर्जी परीक्षार्थी बैठाने वाले परीक्षा केंद्र शासकीय उमावि का परीक्षा परिणाम निराशाजनक रहा। यहां पर 12वीं में 445 परीक्षार्थी में सिर्फ 11 ही उत्तीर्ण हो सके, 22 को पूरक आई और 412 फेल हो गए, परिणाम 2.47 फीसद रहा। जबकि 10वीं में 94 परीक्षार्थियों में से सिर्फ 2 परिक्षार्थी ही उत्तीर्ण हो पाए, 85 फेल हो गए व 7 को पूरक आई तथा परिणाम 2.13 प्रतिशत ही रहा। इसी प्रकार वही बरझर की कन्या हाईस्कूल का परिणाम 15.63 प्रतिशत रहा यहां 64 में से सिर्फ 10 छात्राएं ही पास हो सकी आैर 6 को पूरक मिली व 48 फेल हो गई।
हासे में 4 स्कूल का परिणाम 40% से कम, तो 3 स्कूल का 90% से अधिक रहा
10वीं में 40% से कम परिणाम वाले स्कूल
हाई स्कूल प्रतिशत
अंबारी 40%
आली 31.82
उमराली 39.63
मधुपल्लवी 31.43
आमखुट 38.38
बडी सर्दी 38.89
कट्ठीवाड़ा 35.06
90 से 100 फीसद वाले हायर सेकंडरी
स्कूल प्रतिशत
मॉडल आलीराजपुर 96.77
मॉडल चशेआ नगर 93.55
उमावि जोबट 95.45
94 हाईस्कूल व 39 हासे में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार प्रयास : लेकिन नहीं सुधार पाए
जिले में शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए कलेक्टर गणेश शंकर मिश्रा, सहायक आयुक्त सतीशसिंह, जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र भिड़े सहित 94 हाईस्कूल व 39 हायर सेकंडरी के प्राचार्य व शिक्षक लगातार शैक्षणिक स्तर को ठीक करने के लिए जुटे रहे। लेकिन इसके बावजूद भी कई संस्थाओं के परिणाम निराशाजनक आए तो कई संस्थाओं ने बेहतर प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि कलेक्टर मिश्रा व अन्य अधिकारियों ने स्कूलों में मासिक टेस्ट, जनवरी-फरवरी के दौरान पिछले पांच साल के प्रश्न-पत्रों को विद्यार्थियों से हल करवाया जिससे कि उन्हें बोर्ड परीक्षा के दौरान आसानी हो।
हाई स्कूल प्रतिशत
बरझर 2.13
कन्या बरझर 15.63
बड़ा खुटाजा 35.90
बोरकुंडिया 10.42
माथना 35.71
रिंगोल 28.30
बड़ी जुवारी 40
डेडरवासा 33.33
10 वीं में 90 से 100 फीसद परिणाम वाले स्कूल
स्कूल 90-100%
उमराली 100
उत्कृष्ट 100 आलीराजपुर
डोबलाझिरी 100
कुलवट 100
माडल आलीराजपुर 96.15
खंडाला 94.59
थोडसिंधी 92.86
40% से कम परिणाम वाले हायर सेकंडरी
स्कूल 40% से कम
उमावि छकतला 17.88
आमखुट 24.32
स्कूल 90-100%
उमावि चशेआ 92.11 नगर
मॉडल चशेआ 93.22
नगर
कन्या शिक्षा परिसर 94.29
जोबट
कन्या शिक्षा परिसर 90.63
उदयगढ़
स्कूल 40% से कम
फुलमाल 39.53
बरझर 2.47
कारण है ये : विषय विशेषज्ञों की कमी
वहीं दूसरी और जिले के कई स्कूलों में गणित, फिजिक्स, बॉयो, मेथ्स, अंग्रेजी सहित अन्य महत्वपूर्ण विषय विशेषज्ञों की कमी है। जिसके कारण भी बच्चों को अध्ययन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई स्कूल प्रभारी प्राचार्य के भरोसे चल रहे हैं।