कवर्धा के 17वीं बटालियन में पदस्थ जवान की ट्रेन हादसे में गुरुवार की देर रात मौत हो गई। जवान राजनांदगांव तुलसीपुर साधुचाल का रहने वाला था। चुनाव ड्यूटी खत्म होने के बाद वह साथी जवानों के साथ ट्रेन से लौट रहा था। तभी ट्रेन से गिरने से उनकी मौत हो गई।
जानकारी अनुसार साधु चाल तुलसीपुर वार्ड नंबर 18 निवासी नितराज पिता स्वर्गीय होमनाथ निर्मलकर 17वीं वाहिनी बटालियन कवर्धा में पदस्थ था। वह अपनी बटालियन के साथ कर्नाटक चुनाव में ड्यूटी करने गया था। वापस आते वक्त रास्ते में वह ट्रेन से गिर गया।
नितराज
नागपुर में अफसरों को पता चला
इस टीम के साथ गए डिप्टी कमांडेंट रवि कुर्रे ने बताया कि दल में मध्यप्रदेश के 600 और छत्तीसगढ़ 520 मिलाकर कुल 1120 जवान ड्यूटी में कर्नाटक गए हुए थे। नितराज भी उन्हीं की बोगी में था। गुरुवार की रात करीब डेढ़ बजे वह बातचीत करते हुए गेट के पास गया। रात काफी हो चुकी थी। सभी सो रहे थे। सुबह ट्रेन जब नागपुर पहुंची तब पता चला कि नितराज लापता है। उसका मोबाइल भी बंद था। इसके बाद पूरे ट्रेन में उसकी खोजबीन की गई। सेट में पाइंट चला लेकिन उसका पता नहीं चल पाया। नागपुर स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे उसके मोबाइल में लगाया गया तो किसी जीआरपी के जवान ने फोन उठाया। तब जानकारी मिली कि तेलंगाना के रामागुंडम के रेलवे ट्रैक पर जवान का शव मिला है।
प|ी से बात करने के दो दिन बाद आया शव
15 अप्रैल की रात जवानों से भरी पूरी ट्रेन हैदराबाद से रवाना हुई। 16 अप्रैल को हैदराबाद स्टेशन पहुंचने के बाद नितराज ने रात में अपनी प|ी को फोन लगाया था। उसने कहा था कि वे ड्यूटी से लौट रहे हैं। जल्द ही घर पहुंच जाएंगे। ऐसा हो न सका। शनिवार को घर पर नितराज का शव आया।
धोबी आरक्षक पद पर हुई थी नियुक्ति
कवर्धा 17वीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट कुर्रे ने बताया कि मृतक जवान धोबी आरक्षक पद पर भर्ती हुई थी। उसे कंप्यूटर का नॉलेज था। इसलिए बाद में उसे कंप्यूटर ऑपरेटर का काम दिया गया। काम अच्छा था इसलिए डिप्टी कमांडेंट ने नितराज ने उसे अपना रीडर बनाया था।
एक बेटी है, प|ी 5 माह के गर्भ से
परिजनों ने बताया कि नितराज की प|ी अश्वनी पांच माह के गर्भ से है। उसकी डेढ़ साल की बेटी कनक भी है। परिजनों ने बताया कि एक बार बात होने के बाद दोबारा नितराज ने रात करीब एक बजे फोन किया था। अश्वनी रात को सो चुकी थी, इस वजह से वह फोन नहीं उठा पाई। जहां नितराज गिरा था वहां पुलिस वालों को उसके आधार कार्ड और मोबाइल के माध्यम से इसकी जानकारी लगी। लास्ट कॉल उन्होंने लगाया। तो डेढसास के देवर से बात हुई। उसे यह सूचना दी गई थी। शनिवार को उसे बटालियन में गाड ऑफ ऑनर दिया गया। अंतिम संस्कार किया गया।