भास्कर न्यूज | चिल्फी घाटी।
बैगा आदिवासी बाहुल क्षेत्र में कवर्धा से चिल्फी घाटी तक संचालित सिटी बस का संचालन नए साल से बंद हो गया है। इस कारण वनांचल क्षेत्र के लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
पूर्व में सिटी बस 8 बजे छूटती थी और ब्लाक एवं जिला मुख्यालय क्रमश: 9 और 10 बजे पहुंचती थी। जिससे बोड़ला कालेज में पढ़ने वाले छात्र, व्यापारियों, अधिकारी कर्मचारियों के अलावा जरूरी काम से बोड़ला, पोंड़ी, कवर्धा जाने के लिए बहुत अच्छी सुविधा थी। लेकिन नए साल से यह सुविधा क्षेत्रवासियों से छीन गई है। ब्लॉक मुख्यालय बोड़ला व जिला मुख्यालय कवर्धा जाने के लिए यहां से सुबह 6:00 बजे से लेकर 11 बजे तक कोई साधन नहीं है। रेंगाखार जंगल से कवर्धा चलने वाली खटारा बसों में सफर करना जोखिम भरा होता है। ये बसें रास्ते में कहीं पर भी कब खड़ी हो जाए, कोई भरोसा नहीं रहता। वहीं इस बस में भीड़ अधिक हाेने के कारण बैठने तक की जगह नहीं मिलती। सबसे अधिक परेशानी मरीजों व उनके परिजनों को हो रही है। जिला मुख्यालय में भी आवश्यक कार्य हो, तो वे रास्ते में ही फंस जाते हैं।
जनपद सदस्य लालसिंह मरकाम ने सिटी बस बंद करने को क्षेत्रवासियों के साथ भद्दा मजाक कहा है। सुविधा शुरू होने के बाद बिना किसी पूर्व सूचना दिए अचानक सिटी बंद कर बैगा आदिवासियों के साथ धोखा किया गया है। बोक्करखार के पूर्व जनपद सदस्य एवं वर्तमान सरपंच प्रतिनिधि छोटे लाल मरकाम ने सिटी बस को शीघ्र शुरू किए जाने की मांग की है। चिल्फी पंचायत के सरपंच सिलोचनी हठीले, ग्राम पंचायत बेंदा के सरपंच बृजलाल मेरावी ने जिला प्रशासन से सिटी बस शीघ्र शुरू करने की मांग की है।
सिटी बस बंद होने से 35 गांव के लाेग हो रहे परेशान: कवर्धा से चिल्फी घाटी सिटी बस सेवा शुरू होने से लोगों की परेशानी काफी हद तक दूर होने लगी थी और बोक्करखार, राजाधार, बेंदा, लूप, शम्भूपीपर सहित 6 ग्राम पंचायत के 35 गांव के लोग मुख्यमंत्री को धन्यवाद दे रहे थे। तभी नए साल से चिल्फी घाटी में एकाएक सिटी बस का संचालन बंद कर दिया गया।