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जीपीएफ खाते में सुधार व ऑनलाइन पेंशन प्रकरण तैयार करने डीडीओ को दी ट्रेनिंग
सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) खाते में सुधार और सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों का पेंशन प्रकरण ऑनलाइन तैयार करने को लेकर जिले के सभी डीडीओ यानि आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को बुधवार जिला पंचायत के सभाकक्ष में 1 दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया।
इस प्रशिक्षण के शुभारंभ अवसर पर अपर कलेक्टर पीएस ध्रुव ने कहा कि जीपीएफ खाते में कटौती की जाने वाली राशि का संधारण व सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारियो-कर्मचारियों का पेंशन प्रकरण तैयार करना कार्यालय प्रमुख का दायित्व है। इनमें किसी भी प्रकार की विसंगति का सुधार समय रहते कर लेना चाहिए। विसंगतियों को दूर करने के लिए ही प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया है। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के बेहतर इस्तेमाल होने से काम-काज में पारदर्शिता एवं सुधार आया है।
इन प्रकरणों का किया गया निराकरण: ट्रेनिंग के साथ ही जिले भर के करीब 1 हजार से अधिक कर्मचारियों का जीपीएफ अकाउंट का सुधार किया गया। इसके अंतर्गत 5 हजार से अधिक प्रकरण थे। इनमें क्रेडिट अनपोस्ट के 7507 में से 1687 प्रकरण, डेबिट अनपोस्ट के 34 में से 1 प्रकरण, डोरमेंट एकाउंट के 33 में से 16 प्रकरण, फुलवांट वाऊचर के 60 में से 14 प्रकरण एवं पार्ट वांट के 295 में से 71 प्रकरणों का निराकरण किया गया। प्रशिक्षण व निराकरण कार्यक्रम में संभागीय कार्यालय दुर्ग के सहायक संचालक योगेश शुक्ला, डिप्टी कलेक्टर आनंद चतुरगोष्ठी, एसएस सोम, अकाउंट ऑफिसर समेत जिले के सभी डीडीओ मौजूद थे।
कवर्धा.प्रशिक्षण में बताए डिटेल्स।
आभार साॅफ्टवेयर से पेंशन के प्रकरण अब होंगे तैयार
जिला कोषालय अधिकारी देवेन्द्र चौबे ने बताया कि सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों का पेंशन तैयार करने के लिए आभार नामक से सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। सेवा निवृत्त होने पर पेंशन के लिए डीडीओ ऑनलाइन प्रकरण तैयार करेंगे व जिला कोषालय भेजेंगे। ऑनलाइन पेंशन प्रकरण तैयार होने से पेंशनर्स को कोषालय आने की जरुरत नहीं पड़ेगी। उन्होने बताया कि ईपीएफ की मासिक अंशदान की राशि का लेखांकन संबंधित कर्मचारी के सही खाते में नहीं होने के कारण वर्ष 2000 से सस्पेंश खाते में पड़ी हुई है। सस्पेंस खाते की राशि सही खाते में जमा कराने के लिए छत्तीसगढ़ महालेखाकार द्वारा जीपीएफ से संबंधित सुधार के लिए 6 तरह की सूची उपलब्ध कराई गई है।