पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • 11 करोड़ कम बोनस आया, किसान न बिफर जाएं सो बांट ही नहीं रहे अफसर

11 करोड़ कम बोनस आया, किसान न बिफर जाएं सो बांट ही नहीं रहे अफसर

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जिले के 22 हजार गन्ना किसानों को गन्ना बोनस बांटने का मामला अटक गया है। राज्य सरकार के कृषि मंत्रालय ने तो 28 करोड़ रुपए जिला प्रशासन को भेज दिए हैं। लेकिन पेंच यह है कि जिले के किसानों को बोनस के तौर पर बांटने के लिए जरूरत साढ़े 39 करोड़ रुपए की है और राज्य सरकार ने साढ़े 11 करोड़ कम भेजे हैं। ऐसे में अफसर डरे हुए हैं कि चुनावी साल में कहीं किसानों को आधी-अधूरी राशि बांट दी गई, तो वे बिफर न जाएं।

जिले के दोनों शुगर फैक्ट्री में गन्ना की खरीदी को कुछ ही दिन शेष बचे हैं। इधर, गन्ना बेचने वाले किसानों की बोनस की राशि भी राज्य सरकार के कृषि मंत्रालय ने जिले को भेज दी है। यह राशि जिला कृषि विभाग को भेजी गई है।

यह 28 करोड़ रुपए अब दोनों शुगर फैक्ट्री को जारी करने को लेकर कृषि विभाग भी कार्यवाही कर रहा है। क्योंकि, किसानों के खाते में बोनस की राशि शुगर फैक्ट्री के जरिए ही जाती है।

कवर्धा.अब भी दोनों शकर कारखाना में डेढ़ लाख क्विंटल गन्ना की खरीदी होनी है।

साढ़े 77 लाख क्विंटल गन्ने की खरीदी, डेढ़ लाख क्विंटल बाकी

भोरमदेव शुगर फैक्ट्री में साढ़े 42 लाख क्विंटल गन्ने की खरीदी हो चुकी है। जबकि सरदार पटेल शुगर फैक्ट्री में 35 लाख क्विंटल से ज्यादा गन्ने की खरीदी हुई है। इसके बाद भी लगभग डेढ़ लाख क्विंटल गन्ने की खरीदी और होनी है। ऐसे में खरीदी का कुल आंकड़ा बढ़कर 79 लाख क्विंटल होगा। इतने गन्ने के एवज में किसानों को साढ़े 39 करोड़ रुपए बोनस देना होगा, लेकिन प्रशासन के पास फिलहाल 28 करोड़ रुपए ही हैं।

बांट रहे गन्ना खरीदी की मुख्य राशि

दोनों कारखाना को कुल मिलाकर किसानों को 200 करोड़ रुपए गन्ना का समर्थन मूल्य देना है। बताया जाता है कि अब भी किसानों को उनके गन्ने का 67 करोड़ रुपए दिया जाना बाकी है। अफसर पहले यही राशि बांटने में जुटे हुए हैं।

अब आगे : हिस्से के लिए अनुपूरक बजट मांगना होगा, लगेंगे 3 महीने

राज्य सरकार ने गन्ना बोनस के लिए 40 करोड़ रुपए बजट में प्रावधान किए थे। 28 करोड़ रुपए कबीरधाम जिले के खाते में आया। जबकि बोनस के लिए ही बालोद और अंबिकापुर कारखाने को भी 12 करोड़ रुपए दिए गए हैं। लेकिन कबीरधाम जिले में अब भी साढ़े 11 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। अनुपूरक बजट सरकार मानसून सत्र में पेश करेगी। ऐसे में किसानों को बोनस के लिए तीन महीने और इंतजार करना होगा।

असंतोष का डर चुनावी साल को लेकर

इस बार किसान संगठनों ने गन्ना पर्ची से लेकर कारखाने में अव्यवस्था को लेकर आंदोलन किया है। पर्ची वितरण में अनियमितता व लेन-देन की गंभीर शिकायतों की जिला प्रशासन ने जांच भी शुरू कर दी है। साफ है कि चुनावी साल में किसानों के मसले को हल्के में नहीं लिया जा सकता है। ऐसे में आधे-अधूरे गन्ना बोनस की राशि देने से किसानों में असंतोष फैल सकता है। यह चुनावी साल भी है, अत: प्रशासन संभलकर कदम रख रहा है।

28 करोड़ रुपए शकर कारखानों को जल्द देंगे

राज्य सरकार के कृषि मंत्रालय से गन्ना बोनस के लिए 28 करोड़ रुपए हमें जारी किए गए हैं। हम जल्द ही दोनों शकर कारखानों को यह राशि जारी कर देंगे। इसके बाद आगे किसानों के खातों में इसे भेजने का काम शकर कारखानों का ही है। एनएल पांडे, डीडीए, कबीरधाम

खबरें और भी हैं...