छत्तीसगढ़ पटवारी संघ, तहसील कवर्धा के सदस्यों ने तहसीलदार को 21 मई को ज्ञापन सौंपा। पटवारियों ने उनके काम के लिए पर्याप्त संसाधन न होने की बात सामने रखी। उन्होंने व्यवस्था सुधारने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को 5 जून तक का समय दिया है। साथ ही इसके बाद भी व्यवस्था नहीं सुधरने पर काम के विरोध की चेतावनी दे दी है।
इस अवसर पर तहसील कवर्धा के पटवारियों ने विभिन्न समस्याओं के निराकरण के संबंध में मांग सामने रखी। पटवारियों ने अपने सौंपे ज्ञापन में बताया कि तहसील कवर्धा के लगभग 9 पटवारियों का वेतन रोका गया है। आधार नंबर पटवारियों के पास उपलब्ध नहीं है। पटवारियों द्वारा आधार विहीन लोगों की जानकारी लगातार कोटवारों को दी जा रही है। एक प्रति तहसील कार्यालय में भी दिया गया है। आधार नंबर जब तक कृषकों द्वारा नहीं दिया जाएगा, प्रविष्टि का कार्य नहीं हो सकता। ऐसे में आधार प्रविष्टि तथा डिजिटल सिग्नेचर के कारण वेतन रोके जाने का पटवारी संघ ने निंदा की है। इस अवसर पर उन्होंने इसी महीने पटवारियों का लंबित वेतन प्रदान करने की मांग की।
इधर संसाधन नहीं, उधर अफसर कर रहे प्रताड़ित
तहसील में कार्यरत सभी पटवारियों के सर्विस बुक की अब तक पूर्ण जानकारी संघ को देने की मांग की गई। उन्होंने पिछले 5 साल से गोपनीय प्रतिवेदन प्रत्येक पटवारी को 5 जून 2018 तक देने व तहसील पटवारी संख्या के अनुपात में संसाधन की व्यवस्था की जाने की मांग की है। संघ ने बताया कि अवगत कराने के बाद भी भुइयां कार्यक्रम के अंतर्गत किए जा रहे काम की अनियमितता व अव्यवस्था के कारण पटवारी उच्च अधिकारियों का प्रताड़ना झेल रहे हैं।