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छिरहा, कठौतिया, मोडे व नगपुरा में दम तोड़ रही स्वास्थ्य सुविधाएं, डाॅक्टर न नर्स

3 वर्ष पहले
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जिले के अंतिम छोर में स्थित प्राथमिक स्वास्थ केंद्र कठौतिया, छिरहा और उप स्वास्थ केंद्र मोडे, नगपुरा की वर्षो से दयनीय स्थिति बनी हुई है। जिससे यहां इलाज कराने आए मरीज एवं उनके परिजन हरदम परेशान होना पड़ता है। यहां वर्षो से एएमओ, नेत्रसहायक, एएनएम, लैब टैक्नीशियन सहित स्टाफ नर्स, वार्डब्वाय डाक्टरों की कमी से क्षेत्रवासियों को जूझना रहा है।

उप स्वास्थ्य केंद्र कठौतिया में उरतला, बदुआ कापा के साथ पड़ोसी जिले मुंगेली व कवर्धा के मरीज इलाज कराने आते हैं। लेकिन डाॅक्टर सहित अन्य संसाधन नहीं होने के कारण अस्पताल पहुंचकर भी लोगों को स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पाता। अस्पताल की खिड़की टूट गई है और दीवारों पर दरारें आ गई है। मरीज वार्ड, जज्चा बच्चा वार्ड सहित इंजेक्शन रूम में भी दरारें और मकड़ी ज़ाल की भरमार है। जिससे इंफेक्शन का खतरा बना हुआ है। मई एवं जून में मौसमी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। लू, बुखार, दस्त, यूरिन इंफेक्शन के मरीज मुंगेली जिला के अचानकपुर,जल्ली एवं कवर्धा जिला के पटुआ, धौरबंद, मथानी आदि गांवों से 10-15 मरीज रोज पहुंच रहे हैं। उनके इलाज के लिए केवल एक एएनएम और एक वार्ड आया के भरोसे छोड़ दिया गया है।

छिरहा. उप स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को सुविधा नहीं मिल पा रही। दीवारों पर दरारें पड़ गई।

एएनएम 10 जनवरी से 6 माह के लिए मातृत्व अवकाश पर

यहां की एएनएम गोदावरी साहू 10 जनवरी से 6 माह की मातृत्व अवकाश पर है। उसकी जगह में योगेश प्रसाद जंघेल को प्रभार दिया गया है। लेकिन उसे भी डाक्टर के कमी के चलते जिले के ही बटार पीएचसी का भी तीन दिनों का प्रभार दिया गया है। फार्मासिस्ट केके साहू भी 3 दिन कठौतिया एव 3 दिन मरका पीएचसी प्रभार में है। स्टाफ की कमी के कारण मरीजों का समय पर इलाज नहीं हो पा रहा है।

एंबुलेंस और जरूरी सुविधाओं के लिए तरस रहे मरीज

छिरहा प्राथमिक स्वास्थ केंद्र की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है। यहां भी एएनएम, सुपर वाईजर, नेत्र सहायक, ड्रेसर, वार्ड ब्वाय, स्वीपर सारे पद सालों से खाली हैं। वहीं डाक्टर व अन्य कर्मचारी भी समय पर नहीं पहुंचते, जिससे मरीजों को बहुत परेशान होना पड़ता है। यहां मरीजों के लिए भवन, एक्सरे मशीन,108 गाड़ी व महतारी एक्सप्रेस सहित अन्य सुविधाओं के लिए मरीज तरस रहे हैं।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगपुरा में एक साल से लटक रहा ताला

प्राथमिक स्वास्थ केंद्र मोड़े और नगपुरा में ताला लटकते मिला। यहां डाक्टरों की नियुक्ति नहीं गई है। मोड़े के ग्रामीणों में दिनेश रजक, चंद्रभान पाल, गोविन्द पाल, उमाशंकर पाल, आदि लोगो ने बताया जब से यह अस्पताल खुला है। ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिला है। बीमार पड़ने पर18 किलोमीटर दूर नवागढ़ या 40किलोमीटर दूर बेमेतरा या रायपुर जाना पड़ता है। यहां सूखाताल, बैहसरी, सारंगपुर, तरके, चरघट, चरगवा, के लोग डिलवरी कराने आते हैं। इस बीच भयावह स्थिति होती है। उन्हें भी कर्मचारियों के आने का घंटो इंतजार करना पड़ता है। नगपुरा के प्राथमिक स्वास्थ केंद्र में एक साल से ताला लगा है।

एक एएनएम के भरोसे दो-दो संस्थाएं तीन-तीन दिन करते हैं ड्यूटी

डाॅक्टर और सुविधाओं के अभाव में यहां के मरीजों को 40-45 किलोमीटर दूर जाकर बेमेतरा या कवर्धा में इलाज कराना पड़ता है। कठौतिया सरपंच रामनारायण साहू ने बताया कि हर साल जनदर्शन में, लोक सुराज एव अन्य माध्यमों से कई बार उच्च अधिकारियों को समस्याएं लिखित में बताई गई हैं। आज हालात जस की तस है।

नियुक्ति के लिए शासन को भेजा पत्र

जिले में डाॅक्टर, फाॅर्मासिस्ट, स्पेश्लिस्ट व प्रसव के लिए फिमेल डाॅक्टर की जरूरत है। यहां नियुक्ति होेने पर डाॅक्टर अपना ट्रांसफर करा लेते हैं। जिले में ट्रेनिंग सेंटर नहीं होने के कारण भी जिले के ही कर्मचारियों को प्राथमिकता नहीं मिल रही है। स्टाफ नर्स की नियुक्ति संयुक्त संचालक व एएनएम भर्ती व्यावसायिक परीक्षा मंडल से होनी है। शासन को मांगपत्र भेजा गया है जल्द ही कर्मचारियों की पूर्ति हो जाएगा। सतीष शर्मा, सीएमएचओ, बेमेतरा

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