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अवैध जिप्सम खनन से रोजाना 1.60 करोड़ के राजस्व का नुकसान

3 वर्ष पहले
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कवास क्षेत्र में अवैध जिप्सम खनन लगातार बढ़ रहा है। खनन विभाग व पुलिस की शह के कारण खनन माफियों के हौसले बुलंद है। साल भर में मात्र गिनती के लिए कार्रवाई होती है। जबकि पूरे साल जगह-जगह जिप्सम का अवैध खनन होता है तथा ट्रैक्टर भरकर निकलते है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। कवास, छीतर का पार, उत्तरलाई, बांदरा के कई इलाकोंं से जिप्सम का अवैध दोहन किया जा रहा है।

इन गांवों में जगह जगह खनन माफिया ने खेत खोद दिए है। वहीं सरकार जमीन भी इनकी भेंट चढ़ गई है। इन इलाकों में प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए का अवैध जिप्सम खनन होता है तथा सरकार को राजस्व का नुकसान होता है। लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग व पुलिस इनके खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं कर रही है।

खातेदारी खेत व सरकारी जमीन खोदी, कोई रोक-टोक नहीं

जिप्सम हॉल्ट सहित आसपास के क्षेत्र में घरों में चल रही हैं अवैध फैक्ट्रियां

एक आंकलन के अनुसार प्रतिदिन इन इलाको में हाइवा के साथ पचास ट्रैक्टर ट्रॉली से ज्यादा जिप्सम का अवैध खनन होता हैं और एक ट्रैक्टर जब्त हो तो करीब 32 हजार रुपए व हाइवा जब्त करने पर 1 लाख 12 हजार की खनन विभाग पेनल्टी के रूप में राशि वसूलता है। ऐसे में अगर सौ ट्रैक्टर ट्रॉली भरकर जिप्सम फैक्ट्रियों तक पहुंचता हैं तो इसका पेनल्टी प्रतिदिन 1 करोड़ 60 लाख रुपए प्रतिदिन होता है। लेकिन विडंबना है कि नागाणा पुलिस कार्रवाई की बजाय अवैध जिप्सम से भरी ओवरलोड गाड़ियां रातभर पार होती है। क्षेत्र में दर्जन भर जिप्सम फैक्ट्रियों के पास जिप्सम खरीदने की एनओसी हैं। बाकी सारी फैक्ट्रियां अवैध संचालित हो रही हैं। लेकिन इनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती।

खनन विभाग व पुलिस पर सांठगांठ का संदेह

इतनी अवैध मात्रा में रोजाना इन गांवों में खनन हो रहा है। जबकि नागाणा थाना महज कुछ ही दूरी पर है। वहीं खनन विभाग भी इस पर मौन धारण किए हुए है। ऐसे में खनन माफिया व पुलिस के बीच सांठगांठ का संदेह हो रहा है। क्योंकि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान की तारबंदी के पास भी अवैध खनन से गहरे गड्ढे बना दिए है और आज भी खनन जारी है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इस क्षेत्र की करीब पांच से छह बीघा क्षेत्र में जिप्सम को माफिया ने खोद दिया है। स्थानीय नागाणा थाना से महज एक किलोमीटर दूर एमपीटी व पुरानी चौखला सड़क मार्ग पर खेतों से अवैध जिप्सम खनन कर ट्रैक्टरों से ले जाते है। लेकिन पुलिस कार्रवाई की बजाय अपनी निगरानी में ट्रैक्टरों को फैक्ट्रियों तक पहुंचाने में सहयोग करती है।

हर समय हादसे की आशंका

कवास, नागाणा, जोगासर, छीतर का पार, हुडो की ढाणी आदि क्षेत्रों में हो रहा अवैध जिप्सम खनन से भरे ट्रैक्टर मय ट्रॉली ओवरलोड चलते है। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हाल हो में काऊ का खेड़ा में जिप्सम से भरे ओवरलोड ट्रैक्टर को लेकर हुए हादसे में एक कि मौत हो गई थी। लेकिन पुलिस के साथ खनन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। जिप्सम हाल्ट के पास अवैध खनन के साथ ही कई घरों में ही अवैध फैक्ट्रियां खोल रखी है। लेकिन प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

अवैध जिप्सम खनन को लेकर कार्रवाई की जा रही है। दिन रात अवैध खनन हो रहा है तो आज ही टीम भेजकर जांच करवाई जाएगी। जिप्सम फैक्ट्रियों में अवैध जिप्सम भरा है तो पता करके नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।-भगवानसिंह, अभियंता खनिज विभाग, बाड़मेर

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