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बीसीसीआई सार्वजनिक संस्था आरटीआई के दायरे में लाया जाए

3 वर्ष पहले
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नई दिल्ली | भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को सूचना अधिकार अधिनियम के दायरे में लाया जाए। यह बात विधि आयोग ने कही है। आयोग ने केंद्र सरकार से कहा है कि बीसीसीआई को राष्ट्रीय खेल संघ के तौर पर मान्यता दी जाए। पूर्व जस्टिस बीएस चौहान की अध्यक्षता वाले 21वें विधि आयोग ने अपनी 275वीं रिपोर्ट बुधवार को विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद को सौंपी। इसमें कहा गया है कि बीसीसीआई को संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत शेष|पेज 11

निजी के बजाय सार्वजनिक संस्था के रूप में वर्गीकृत किया जाना चाहिए। इसकी कार्यप्रणाली से भी साफ होता है कि यह सरकार की एक इकाई की तरह ही है। सरकार का इस पर नियंत्रण है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में बीसीसीआई की नेटवर्थ करीब 1935 करोड़ रुपए थी। बोर्ड इसके बाद आईपीएल और भारतीय टीम के मैचों के प्रसारण अधिकार करीब 22 हजार करोड़ रुपए (5 साल के लिए) में बेच चुका है। आयोग ने सवाल किया है कि जब अन्य खेल संघ आरटीआई में आते हैं तो बीसीसीआई को इससे बाहर क्यों रखा जाए? इसकी कार्यप्रणाली और गतिविधियां सरकारी संस्था जैसी ही हैं। इसे हजारों करोड़ रुपए की टैक्स रियायत मिलती है। दुनिया के सबसे धनी क्रिकेट बोर्ड में पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार को खत्म करने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2016 में आयोग से कहा था कि वह यह बताए कि बीसीसीआई को आरटीआई कानून के दायरे में लाया जा सकता है या नहीं।





विधि आयोग की सिफारिश : बीसीसीआई का दर्जा जन निकाय की तरह हो बीसीसीआई से जुड़े हुए मसलों को जानने का अधिकार हर किसी को मिले राज्य क्रिकेट संघों को भी आरटीआई के दायरे में लाया जाना चाहिए

आरटीआई में लाने के लिए ये तर्क दिए : विधि आयोग ने कहा है कि बीसीसीआई को कर की छूट और भूमि अनुदानों के तौर पर संबंधित सरकारों से अच्छा खासा वित्तीय लाभ मिलता है। बीसीसीआई के तहत खेलने वाले खिलाड़ियों के हेलमेट में अशोक चक्र छपा है और यूनिफॉर्म में राष्ट्रीय ध्वज का रंग प्रदर्शित होता है। राष्ट्रीय खेल संघ (एनएसएफ) न होने के बावजूद बीसीसीआई क्रिकेटरों को अर्जुन अवॉर्ड्स के लिए नामित करता है। केंद्रीय सूचना आयोग ने भी यह स्पष्ट किया था कि बीसीसीआई एक एनएसएफ है। लोकसभा में केंद्र सरकार ने भी बीसीसीआई को एनएसएफ करार दिया है। बोर्ड के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में कहा गया है कि बीसीसीआई का कार्य एवं उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय क्रिकेट टीमों का चयन करने के अलावा देश में क्रिकेट खेल पर नियंत्रण, गुणवत्ता में सुधार और नीतियां तैयार करना है।

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