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मलेशिया के 18 लाख की आबादी वाले राज्य में गायों

3 वर्ष पहले
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मलेशिया के 18 लाख की आबादी वाले राज्य में गायों को कुरान की आयतें सुनाई जाएंगी, इससे वे शांत रहेंगी और अच्छा मीट देंगी
राज्य सरकार ने आदेश जारी किया, पर कहा कि यह जबरन थोप नहीं रहे हैं, लोग खुद जुड़ें

एजेंसी | क्वालालंपुर

कट्‌टरपंथी माने जाने वाले मलेशिया में सरकार अजीब पहल कर रही है। बीफ की क्वालिटी सुधारने के लिए मलेशिया के केलान्तन राज्य की सरकार अब गायों को कुरान की आयतें सुनाएगी। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बताया- कुरान की आयतें सुनकर गायों को शांति मिलेगी। इससे उनके बीफ की क्वालिटी में भी सुधार आएगा।

केलान्तन की कार्यकारी परिषद के सदस्य और कृषि मंत्री चे अब्दुल्ला मत नावी का मानना है कि कुरान की आयतें पढ़ने से मन को शांति मिलती है। इसलिए ये आयतेें जानवरों को भी सुनानी चाहिए। ये उन्हें शांति देगी। उन्होंने कहा- अगर जानवर शांत और आरामदायक स्थिति में हैं, तो इससे बीफ की क्वालिटी में सुधार होना तय है। अब्दुल्ला ने ये भी कहा कि सरकार की तरफ से इसके लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। और न ही यह फैसला लोगों पर जबरन थोपा गया है। पर हम उम्मीद करते हैं कि स्थानीय किसान हमारी इस मुहिम में साथ देंगे। अब्दुल्ला ने कहा- राज्य के ग्रामीण इलाकों के किसान इस मुहिम में शामिल होकर पूरे राज्य में बीफ की क्वालिटी में सुधार करने में अपना योगदान देंगे। केलान्तन राज्य की आबादी करीब 18 लाख है और वहां पैन-मलेशियन इस्लामिक पार्टी (पीएएस) की सरकार है।

गौरतलब है कि पैन मलेशियन इस्लामिक पार्टी 2015 में केलान्तन में कट्टर इस्लामिक नियम हुदूद को लागू करने के कारण चर्चा में आई थी। हुदूद नियम के मुताबिक चोरी के आरोपी के अंग-भंग करने और पत्थर मार-मारकर जान लेने जैसे तरीके अपनाए जाते हैं। हालांकि देश की केंद्रीय सरकार के दखल के बाद राज्य सरकार के यह नियम हटाने पड़े थे।

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मलेशिया पहले सहिष्णु था, बढ़ रही रूढ़िवादी सोच
मलेशिया की कुल आबादी में 60% से ज्यादा यानी 3.2 करोड़ लोग मुस्लिम हैं। यहां के मुस्लिमों को सहिष्णु माना जाता था, पर अब वहां रूढ़िवादी सोच बढ़ रही है। वहीं मीट की मांग में सालाना 3% का इजाफा हो रहा है।

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