15 दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप, लोग हैं परेशान
प्रखंड के शहरी क्षेत्र में पिछले पंद्रह दिनों से पेयजलापूर्ति ठप रहने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को प्यास बुझाने के लिए भटकना पड़ रहा है। पेयजलापूर्ति ठप रहने से लोगों को घंटो कतार में खड़ा होकर चापाकल व कुएं से पानी भरने को विवश होना पड़ रहा है। वहीं पेयजलापूर्ति के लिए आठ करोड़ से बनाई गई जलमीनार बेकार साबित हो रही है।
इस जलमीनार से डीडब्ल्यूएसडी को कुडू के टाटी, कुंदो, जामुन टोली, ब्लॉक मोड़, नवाटोली सहित अन्य गांवों के लगभग दो हजार लोगों को कनेक्शन देकर पेयजलापूर्ति करना था लेकिन बनने के साथ ही यह योजना गर्मी शुरू होते ही फेल हो गई। शुरू-शुरू में रोजाना अनियमित पानी की आपूर्ति की जाती थी, लेकिन धीरे-धीरे हफ्ता हुआ, उसके बाद गर्मी आते ही पानी की आपूर्ति बंद हो गई। बताया जाता है कि कुडू से कैरो तक सड़क निर्माण करा रहे कंपनी के लोगों ने सड़क निर्माण के समय पेयजलापूर्ति के लिए बिछाए गए पाइप को तोड़ दिया है। जिसके कारण भी पानी की आपूर्ति बंद है। पाइप की मरम्मत में महीनों लगने का अनुमान है।
शैलेश कुमार, अनुराग कुमार, संदीप कुमार, प्रदीप प्रसाद, विनय कुमार, रंधीर चौधरी, अमर कुमार, निशांत कुमार, सफीक खान, जसीम, बबलू, जिब्रील, इसाक, इमामुद्दीन, गफ्फार, नौशाद, सलीम व मुशाहिद समेत अन्य लोगों ने बताया 15 दिनों से पेयजलापूर्ति ठप है। जनप्रतिनिधि सिर्फ चुनाव के समय लोक लुभावने वादे करते हैं, मगर जलापूर्ति ठप रहने का मुद्दा उनके बीच से गायब है।
बेकार साबित हो रहा जलमीनार का दृश्य।
पानी की समस्या से ग्रामीणों को पड़ेगा जूझना : रोहित
इस संबंध में डीडब्ल्यूएसडी के कनीय अभियंता रोहित उरांव का कहना है कि उमरी कोयल नदी सूखने के कारण जलस्तर काफी नीचे चला गया है। जिसके कारण नदी तट पर बनाया गए इंटक वेल सूख गया है। वहीं कुडू-कैरो मुख्य पथ पर सड़क बना रही कंस्ट्रक्शन कंपनी ने पेयजलापूर्ति के लिए सड़क किनारे बिछाए गए राइजनिग पाइप को तोड़ दिया है। जिसके कारण पेयजलापूर्ति बंद है। उन्होंने कहा कि लोगों को पेयजल की समस्या से जूझना होगा।