कैरो | मुसलमानों का पवित्र महीना रमजान के चौथे दिन अत्याधिक गर्मी थी। इसके बावजूद रोजेदारों के हौसले में कोई नहीं थी। छोटे-छोटे बच्चे, नौजवान, बूढ़े अकीदत के साथ रोजे रखे। वही इशा की नमाज के बाद लोगों ने तरावीह की नमाज अदा की। कैरो के मौलाना नुरुल हसन ने कहा कि रमजान का महीना बड़ा बरकतों वाला, मगफिरत व इबादत वाला महीना है। इस महीने में ज्यादा से ज्यादा इबादत करनी चाहिए। इस महीने में एक नेकी के बदले सत्तर नेकी मिलती है। हमें दीन के हिसाब से जिंदगी गुजारनी चाहिए, तभी कामयाबी मिलेगी।