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येद्दि का आज बहुमत परीक्षण; बोपैया बने प्रोटेम स्पीकर, कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंची

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | नई दिल्ली/बेंगलुरू

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येद्दियुरप्पा को शनिवार शाम 4 बजे बहुमत साबित करने का आदेश दिया है। राज्यपाल की ओर से उन्हें दी गई 15 दिन की मोहलत कोर्ट ने खारिज कर दी। कोर्ट ने बहुमत साबित करने तक येद्दि को नीतिगत फैसले लेने और एंग्लो-इंडियन सदस्य के मनोनयन से रोक दिया है। कोर्ट ने कहा कि संविधान से मिली उच्च शक्तियाें का राज्यपाल ने बेहद खराब ढंग से इस्तेमाल किया है। इस मुद्दे पर 10 हफ्ते बाद विचार किया जाएगा। शनिवार शाम फ्लोर टेस्ट प्रोटेम स्पीकर को ही करवाना है। कोर्ट के इस आदेश के कुछ घंटे बाद ही राज्यपाल वजुभाई वाला ने भाजपा विधायक केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त कर दिया। वह 2009 से 2013 के बीच स्पीकर रह चुके हैं। अक्टूबर 2010 में उन्होंने भाजपा के 11 बागियों और पांच निर्दलीयों को अयोग्य घोषित कर सरकार बचाने में येद्दि की मदद की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणियों के साथ उनका फैसला रद्द कर दिया था। शेष पेज 4 पर

येद्दि के पॉलिसी से जुड़े फैसले लेने पर रोक, एंग्लो-इंडियन सदस्य भी मनोनीत नहीं होगा

राज्यपाल के फैसले पर 10 हफ्ते बाद होगा विचार

विधायक रिजॉर्ट में बंद होने पर बोले जस्टिस सिकरी... चुटकुला सुना है कि 117 विधायकों के साथ रिजॉर्ट मालिक सरकार बनाने का दावा कर रहा

सुप्रीम कोर्ट लाइव

मुकुल रोहतगी: येद्दियुरप्पा ने राज्यपाल को सौंपे पत्र में कहा था कि कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन अपवित्र है। 104 सीटों के साथ भाजपा सबसे बड़ा दल है। हम बहुमत साबित करने काे तैयार हैं।

जस्टिस सिकरी: भाजपा किस आधार पर दावा कर रही है? जरूरी नंबर दिखाएं।

रोहतगी: सिर्फ फ्लोर टेस्ट के दौरान जरूरी नंबर दिखाएंगे। सुप्रीम कोर्ट में दिखाने की कोई जरूरत नहीं है।

जस्टिस भूषण: राज्यपाल ने भाजपा को किस आधार पर चुना?

रोहतगी: यह राज्यपाल का विवेक है।

जस्टिस सिकरी: हमारे पास दो विकल्प हैं। एक- कल ही फ्लोर टेस्ट करा दें और दोनों पक्षों को कोई मौका न दें। दूसरा- यह देखें कि राज्यपाल बड़े दल को बुला सकता है या बहुमत का दावा करने वाले गठबंधन को? सरकार का अंतिम निर्णय फ्लोर टेस्ट से ही होगा। कल ही फ्लोर टेस्ट कराना चाहिए।

कपिल सिब्बल: राज्यपाल के विवेक जैसी कोई चीज नहीं है। यह संवैधानिक उक्ति और कानून से घिरा है।

जस्टिस सिकरी: आपके पास कहने को बहुत कुछ होगा। दूसरों के पास भी है। परंतु पहले फ्लोर टेस्ट होने दें।

तुषार मेहता (एएसजी): कांग्रेस+जेडीएस ने सरकार बनाने के लिए हस्ताक्षरित पत्र राज्यपाल को नहीं दिया।

रोहतगी: फ्लोर टेस्ट शनिवार को नहीं होना चाहिए। सोमवार तक का वक्त देें।

जस्टिस सिकरी: हमने चुटकुला देखा था- रिजॉर्ट मालिक कह रहा है कि मेरे पास 117 का बहुमत है और मैं सरकार बना सकता हूं। आपको समय नहीं मिलेगा। राज्यपाल की उच्च शक्तियाें पर बाद में विचार करेंगे।

कुल सीटें : 222, लेकिन कुमारस्वामी दो सीटों पर जीते। उनका एक वोट होगा। एक विधायक प्रोटेम स्पीकर बना। ऐसे में बहुमत 111 का होगा।

येद्दियुरप्पा को शपथ दिलवाने के खिलाफ कांग्रेस+जेडीएस की याचिका पर शुक्रवार सुबह 10.30 बजे सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। जस्टिस एके सिकरी, अशोक भूषण और एसए बोबड़े की बेंच के समक्ष करीब एक घंटा सुनवाई चली। पढ़िए इस दौरान क्या-क्या हुआ...

कैसे बचेगी सरकार; बहुमत के लिए 111 विधायक जरूरी, येद्दि के पास 104, सरकार बचाने के लिए 3 तरीके

1 कम से कम सात विधायक दल-बदल कर भाजपा को वोट दें। कांग्रेस या जेडीएस में सेंध लगाए बिना यह संभव नहीं। दल-बदल कानून के तहत इन विधायकों की सदस्यता भी चली जाएगी।

2 फ्लोर टेस्ट के दौरान कांग्रेस+जेडीएस के कम से कम 13 विधायक गैर हाजिर रहें। सदन में 207 विधायक ही होंगे तो बहुमत का आंकड़ा 104 हो जाएगा। ऐसे में भाजपा अपने विधायकों के दम पर ही बहुमत दिखा सकती है। विधायक शपथ लिए बिना गैर हाजिर रहते हैं तो उन पर व्हिप भी लागू नहीं होगा।

3 तेरह विधायकों से इस्तीफा दिलवाने की संभावना भी हो सकती है। * एक निर्दलीय व केपीजेपी के एक विधायक का भाजपा को समर्थन मिल सकता है।

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