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...और इधर परेशानी मलबा जस का तस, पैदल चलना मुश्किल

3 वर्ष पहले
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सरवटे से गंगवाल बस स्टैंड तक जाने वाली सड़क की चौड़ाई वर्ष 1991 के मास्टर प्लान से ही 80 फीट है। अधिकतम 120 और न्यूनतम 80 फीट प्रस्तावित की गई है। मास्टर प्लान की धारा 18 यानी पुराने इंदौर पर मास्टर प्लान लागू नहीं होता। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में पहले ही बहस हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट रहवासियों की एसएलपी खारिज कर चुका है। नगर निगम ने यह जवाब गुरुवार को हाई कोर्ट की डिविजन बेंच के समक्ष लगी याचिका पर तैयार किया है। बुधवार शाम जवाब की एडवांस प्रति याचिकाकर्ता के वकील को सौंप दी गई है। गुरुवार को सुनवाई होगी।

सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी खारिज होने के साथ ही नगर निगम ने मच्छी बाजार, कड़ाव घाट, नया पीठा में दूसरे दौर की कार्रवाई शुरू कर दी थी। इसी बीच एक नई याचिका हाई कोर्ट में दायर की गई थी, जिसकी सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने फिर बाधक हिस्से हटाने पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने तीन दिन का स्थगन देते हुए निगम से जवाब मांगा है। अब गुरुवार को इसके साथ-साथ एक पुरानी याचिका पर भी सुनवाई की जाएगी। निगम ने ताजा याचिका पर जवाब में यह भी लिखा है कि याचिकाकर्ता के वकील सुप्रीम कोर्ट में धारा 18 पर बहस कर चुके हैं। इस बहस के समर्थन में एक शपथ पत्र भी हाई कोर्ट में दिया जा रहा है। वहीं याचिकाकर्ता के वकीलों की दलील है कि मास्टर प्लान की धारा 18 पर पहली दफा हाई कोर्ट में बहस हो रही है। सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे पर कोई बात नहीं हुई। धारा 18 के तहत साफ-साफ लिखा है कि मास्टर प्लान वहीं प्रस्तावित होगा जहां पर विकास कार्य करने की संभावना है। पुराने इंदौर को यथावत रखने की बात स्पष्ट लिखी गई है। 2021 में मास्टर प्लान समाप्त हो जाएगा। इसके बाद के प्लान में यदि सड़क की चौड़ाई 120 न्यूनतम कर दी गई तो क्या फिर मकान तोड़कर रोड चौड़ा किया जाएगा।

मलबा जस का तस, पैदल चलना मुश्किल

सोमवार को स्थगन के बाद निगम का अमला मच्छी बाजार, कड़ावघाट से हट गया। निगम ने 70 के लगभग बाधक हिस्से हटाए थे, लेकिन मलबा नहीं उठाया। अब हालत ऐसी है कि यहां पर पैदल भी नहीं चल पा रहे हैं। रोड पर जगह-जगह मलबे का ढेर लगा है। मच्छी बाजार से गंगवाल, जवाहर मार्ग जाने वालों को घूमकर जाना पड़ रहा है।

ऑपरेशन सरवटे से गंगवाल बस स्टैंड रोड

नगर निगम का जवाब- पहले से प्रस्तावित है सरवटे-गंगवाल बस स्टैंड रोड की 80 फीट चौड़ाई

याचिकाकर्ता के वकील को सौंपी जवाब की एडवासं प्रति, हाई कोर्ट में सुनवाई आज

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