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भवन और नियमित शिक्षक भी नहीं... बावजूद विकासखंड के 4 स्कूलों का परीक्षा परिणाम 100 फीसदी

3 वर्ष पहले
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नागदा | सुविधा मिले या ना मिले अगर हौसला ऊंचाइया छूने का हो तो सफलता जरूर मिलती है। इस बात को साबित किया विकासखंड के चार सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने। विद्यार्थियों के पास न तो स्वयं का भवन है और न ही नियमित शिक्षक। उसके बाद भी अतिथि शिक्षकों के भरोसे ही विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम कक्षा 10वीं में 100 प्रतिशत रहा है। इन स्कूलों में शासकीय हाईस्कूल भुवासा, बिरियाखेड़ी, आक्याजागीर, चापाखेड़ा शामिल हैं। इसी तरह मॉडल स्कूल खाचरौद भी अतिथि के भरोसे चल रहा है। मॉडल स्कूल खाचरौद का 10वीं का परिणाम 98.2 व 12वीं का 93.1 रहा।

10वीं का परिणाम बढ़ा, 12वीं का घटा

विकासखंड में कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम गत वर्ष की अपेक्षा 4 प्रतिशत बढ़ा है, लेकिन कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 11 प्रतिशत घटा है। कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम 2015-16 में 81 प्रतिशत, 2016-17 में 77.53 प्रतिशत रहा, जबकि इस वर्ष 81.61 प्रतिशत पहुंचा है। इसी तरह कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 2015-16 में 89.44 प्रतिशत, 2016-17 में 91.56 प्रतिशत व इस वर्ष 80.89 प्रतिशत रहा है। कक्षा 10 वीं का परीक्षा परिणाम बढ़ने की बेस्ट फाइव योजना भी रही है।

सबसे कम बालक उमावि का

10वीं व 12वीं के परीक्षा परिणाम में सबसे कम प्रतिशत बालक उमावि उन्हेल, बुरानाबाद व चंदोड़िया स्कूल के बने हैं। कक्षा 10वीं में बुरानाबद में 25 प्रतिशत, बालक उमावि उन्हेल के 37 व चंदोड़िया स्कूल के 38 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। कक्षा 12वीं में बालक उमावि के 30 प्रतिशत बच्चे ही उत्तीर्ण हुए हैं। स्कूल प्रबंधन के मुताबिक शिक्षकों की कमी की वजह से परीक्षा परिणाम कम आया है।

नागदा | सुविधा मिले या ना मिले अगर हौसला ऊंचाइया छूने का हो तो सफलता जरूर मिलती है। इस बात को साबित किया विकासखंड के चार सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने। विद्यार्थियों के पास न तो स्वयं का भवन है और न ही नियमित शिक्षक। उसके बाद भी अतिथि शिक्षकों के भरोसे ही विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम कक्षा 10वीं में 100 प्रतिशत रहा है। इन स्कूलों में शासकीय हाईस्कूल भुवासा, बिरियाखेड़ी, आक्याजागीर, चापाखेड़ा शामिल हैं। इसी तरह मॉडल स्कूल खाचरौद भी अतिथि के भरोसे चल रहा है। मॉडल स्कूल खाचरौद का 10वीं का परिणाम 98.2 व 12वीं का 93.1 रहा।

10वीं का परिणाम बढ़ा, 12वीं का घटा

विकासखंड में कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम गत वर्ष की अपेक्षा 4 प्रतिशत बढ़ा है, लेकिन कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 11 प्रतिशत घटा है। कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम 2015-16 में 81 प्रतिशत, 2016-17 में 77.53 प्रतिशत रहा, जबकि इस वर्ष 81.61 प्रतिशत पहुंचा है। इसी तरह कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 2015-16 में 89.44 प्रतिशत, 2016-17 में 91.56 प्रतिशत व इस वर्ष 80.89 प्रतिशत रहा है। कक्षा 10 वीं का परीक्षा परिणाम बढ़ने की बेस्ट फाइव योजना भी रही है।

सबसे कम बालक उमावि का

10वीं व 12वीं के परीक्षा परिणाम में सबसे कम प्रतिशत बालक उमावि उन्हेल, बुरानाबाद व चंदोड़िया स्कूल के बने हैं। कक्षा 10वीं में बुरानाबद में 25 प्रतिशत, बालक उमावि उन्हेल के 37 व चंदोड़िया स्कूल के 38 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। कक्षा 12वीं में बालक उमावि के 30 प्रतिशत बच्चे ही उत्तीर्ण हुए हैं। स्कूल प्रबंधन के मुताबिक शिक्षकों की कमी की वजह से परीक्षा परिणाम कम आया है।

नागदा | सुविधा मिले या ना मिले अगर हौसला ऊंचाइया छूने का हो तो सफलता जरूर मिलती है। इस बात को साबित किया विकासखंड के चार सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने। विद्यार्थियों के पास न तो स्वयं का भवन है और न ही नियमित शिक्षक। उसके बाद भी अतिथि शिक्षकों के भरोसे ही विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम कक्षा 10वीं में 100 प्रतिशत रहा है। इन स्कूलों में शासकीय हाईस्कूल भुवासा, बिरियाखेड़ी, आक्याजागीर, चापाखेड़ा शामिल हैं। इसी तरह मॉडल स्कूल खाचरौद भी अतिथि के भरोसे चल रहा है। मॉडल स्कूल खाचरौद का 10वीं का परिणाम 98.2 व 12वीं का 93.1 रहा।

10वीं का परिणाम बढ़ा, 12वीं का घटा

विकासखंड में कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम गत वर्ष की अपेक्षा 4 प्रतिशत बढ़ा है, लेकिन कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 11 प्रतिशत घटा है। कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम 2015-16 में 81 प्रतिशत, 2016-17 में 77.53 प्रतिशत रहा, जबकि इस वर्ष 81.61 प्रतिशत पहुंचा है। इसी तरह कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 2015-16 में 89.44 प्रतिशत, 2016-17 में 91.56 प्रतिशत व इस वर्ष 80.89 प्रतिशत रहा है। कक्षा 10 वीं का परीक्षा परिणाम बढ़ने की बेस्ट फाइव योजना भी रही है।

सबसे कम बालक उमावि का

10वीं व 12वीं के परीक्षा परिणाम में सबसे कम प्रतिशत बालक उमावि उन्हेल, बुरानाबाद व चंदोड़िया स्कूल के बने हैं। कक्षा 10वीं में बुरानाबद में 25 प्रतिशत, बालक उमावि उन्हेल के 37 व चंदोड़िया स्कूल के 38 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। कक्षा 12वीं में बालक उमावि के 30 प्रतिशत बच्चे ही उत्तीर्ण हुए हैं। स्कूल प्रबंधन के मुताबिक शिक्षकों की कमी की वजह से परीक्षा परिणाम कम आया है।

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