शनिदेव को न्याय का देवता कहा जाता है : पं. जोशी
शनि जयंती पर गांव रूपाणा में निर्माणाधीन शनि मंदिर में आज गुम्बद का नींव पत्थर समाज सेवी सोम प्रकाश गोयल, दविंदर कुमार कालड़ा, विजय कुमार दोदे वाले, मेघ राज दोदे वाले, पवन कुमार, डिंपल गर्ग, संदीप गोयल, मनदीप गोयल ने रखा। समाजसेवी सोम प्रकाश गोयल ने बताया कि पिछले लगभग दो वर्षों से मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है व लोगों द्वारा भी इस मंदिर के निर्माण कार्य में सहयोग दिया जा रहा है। शनि जयंती के शुभ मौके पर ही गुम्बर का नींव पत्थर रखा व इस दौरान हुए हवन यज्ञ दौरान प्रवचन करते पंडित पूर्ण चंद जोशी जी ने कहा कि शनि जयंती को भगवान शनि के जन्मदिन के तौर पर मनाया जाता है। शनि अमावस्या के दिन शनि भगवान से जुड़े उपाय करने से जीवन में खुशियां आती है। उन्होंने आगे कहा कि शनिदेव को न्याय का देवता कहा जाता है। शनि भगवान कर्मों के अनुसार ही फल देते है। आज इस समय आए हुए श्रद्धालुओं के लिए लंगर भी लगाया गया। इस समय बड़ी संख्या में संगत मौजूद थी।(अमित अरोड़ा)
शनि जयंती पर मंदिरों में हवन के बाद लगे लंगर
गिद्दड़बाहा |शनि जयंती के शुभ अवसर पर शहर में स्थित शनि मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह के समय हवन कर लंगर लगाया गया। गौशाला रोड पर स्थित श्री शनि धाम मंदिर में सुबह हवन किया गया। पुजारी पंडित कृष्ण लाल शर्मा ने बताया कि डेरा बाबा छच्जुनाथ स्मृति आश्रम के संचालक बाबा राम अवतार नाथ जी के आशीर्वाद से मंदिर में शनि जयंती के मौके पर यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसके उपरांत श्री शनि चालीसा के पाठ व आरती भक्तों की ओर से प्रस्तुत की गई। वघवार कॉलोनी स्थित शनि देव मंदिर में भी लंगर लगाया गया। जबकि शहर के पार्क के समीप बने शनि देव मंदिर में भी सुबह से ही भक्त श्री शनि देव जी की महिमा का गुणगान करते दिखाई दिए। इस अवसर पर पंडित शिवम शास्त्री,पंडित कृष्ण लाल शर्मा,पंडित मोहन लाल,गोरखा,जनक राज शर्मा,प्रभु राम,मंगत राए सेठी,रणजीत सिंह मान,नरेश कुमार आदि मौजूद रहे।
मंदिर प्रांगण में हवन यज्ञ करते पंडित जोशी।
बूड़ा गुच्चर रोड पर शनि मंदिर में उमड़ रहे भक्तजन
मुक्तसर |बूड़ा गुच्चर रोड पर स्थित शनि मंदिर में मंगलवार को सुबह श्री शनिदेव जयंती के उपलक्ष्य में 108 घंटे की लगातार तेल धारा शुरू की गई। पूजन की रस्म पंडित अनिल शर्मा व ब्राह्मण सभा प्रधान केवल शर्मा द्वारा शुरू की गई व इसके बाद शनि महाराज पर तेल धारा शुरू की गई। इस दौरान मंदी को बहुत ढंग से सजाया गया। पंडित अनिल शर्मा ने बताया कि यह पांच दिन तक चलने वाली इस तेल धारा के दौरान मंदिर में शनि महाराज के पाठ होते रहेंगे। उन्होंने बताया कि 19 मई को तेल धारा संपन्न होगी व समाप्ति के बाद मंदिर में अटूट लंगर लगाया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. विजय सुखीजा, गौरव शर्मा, राकेश परूथी, मदन लाल, मिंटू जैन, बगेश शर्मा आदि उपस्थित थे।(अमित अरोड़ा)
शनि मंदिर में 108 घंटे की तेल धारा शुरू
श्री शनिदेव मंदिर में तेलधारा शुरू होने पर जयकारे लगाते श्रद्धालु।
मुक्तसर |बठिंडा रोड पर स्थित प्राचीन इच्छापूर्ण सिद्ध मां कालका श्री शनिदेव मंदिर में मंगलवार को सुबह श्री शनिदेव जयंती के उपलक्ष्य में 108 घंटे की निरंतर चलने वाली तेल धारा का शुभारंभ किया गया। मंदिर के पुजारी कृष्ण कुमार शर्मा ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी सर्वप्रथम श्री शनिदेव महाराज तथा नवग्रह का पूजन किया गया। पूजन की रस्म पंडित पवन कुमार शर्मा व नरेश कुमार शर्मा द्वारा सुबह सवा आठ बजे शुरु की गई तथा ठीक सवा दस बजे तेल धारा शुरु की गई। इस दौरान जहां मंदिर को फूलों की लडिय़ों से बहुत ही सुंदर ढंग से सजाया गया था वहीं श्रद्धालुओं द्वारा शनिदेव महाराज के जयकारों से मंदिर को गुंजायमान किया गया। पांच दिन तक चलने वाली इस तेल धारा के दौरान मंदिर में सत्संग व शनि चालीसा व हनुमान चालीसा के पाठ लगातार होते रहेंगे। 19 मई को रात सवा नौ बजे तेल धारा संपन्न होने पर शनि महाराज का विशाल जागरण होगा। मंदिर के पुजारी कृष्ण शर्मा ने बताया कि लगातार पांच दिन तक मंदिर में शाम को लंगर चलाया जाएगा। इस दौरान मंदिर कमेटी द्वारा श्रद्धालुओं में खीर व जलजीरे का लंगर वितरित किया गया। इस मौके पर संतोष कुमार शर्मा, गोरा कुमार, सावर, सुरिंदर पप्पू शर्मा, कुलबीर शर्मा, विनोद कुमार, राणा शर्मा, तिलक राज, योगेश्वर योगी व बबलू नागपाल के अलावा मोहित कुमार भी उपस्थित थे। (अमित अरोड़ा)