आबकारी विभाग ने शराब के नए ठेकेदार पर अवैध लाइन चलाने के लिए महीना बढ़ाने का दबाव बनाया। यही नहीं निगरानी के लिए विभाग के कर्मचारी राेज दुकान पर भी बैठने लगे। तंग आकर ठेकेदार ने दुकानों पर ताला जड़ दिया और दुकान चलाने के लिए चाबी विभाग को सौंप आया। घबराए अफसराें ने जैसे-तैसे ठेकेदार को मनाया और दुकान चालू करवाई।
मामला गुरुवार का है। ग्राम अहमदपुर खैगांव ग्रुप में अहमदपुर की विदेशी व भेरूखेड़ा और सिर्रा में देसी शराब दुकान का ठेका आबकारी विभाग ने इंदौर निवासी चयन जायसवाल को दिया है। लाइसेंसी जायसवाल 1 अप्रैल से दुकानें संचालित कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार देसी शराब की अवैध लाइन चलाने के लिए विभाग ही उन पर कई दिनों से दबाव बनाकर मासिक नजराने की भी मांग कर रहा था। ठेकेदार ने देने से इंकार कर दिया तो विभाग ने अपने कर्मचारियों को दुकान की निगरानी में लगा दिया। विभाग की हरकतों से तंग आकर ठेकेदार जायसवाल ने गुरुवार सुबह तीनों दुकानों पर ताला लगा दिया और चाबी विभाग में अफसरों को सौंप दी। घबराए अफसरों ने ठेकेदार को मनाकर शाम 6 बजे दुकानों दोबारा चालू करवाई। मामले में आबकारी अधिकारी व सहायक को फोन लगाया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। सहायक जिला आबकारी अधिकारी मुकेश रणदा का कहना है अहमदपुर ग्रुप की दुकानें गुरुवार को बंद होने की सूचना नहीं है। विभाग ठेकेदार को दुकान चलाने के लिए काउंटर देता है। लाइन चलाने के लिए दबाव बनाने की बात झूठी है।