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अगले साल मप्र में दो लाख हेक्टे. क्षेत्र में ज्यादा सिंचाई क्षमता करेंगे विकसित
जल संसाधन मंत्री ने कहा- मप्र में 785 लघु सिंचाई परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं
एग्रो भास्कर | खंडवा
मध्यप्रदेश में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार पूरे प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य है 2018-19 में मध्यप्रदेश में दो लाख 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई क्षमता को बढ़ाया जाएगा। बीना परियोजना का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा।
जन संसाधन मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्र ने बताया 2013-18 में कुल 700 लघु सिंचाई परियोजना का निर्माण करने का लक्ष्य है, जबकि 785 लघु सिंचाई परियोजनाएं पूरी कर ली गई है। मध्यप्रदेश में 10 हजार 928 करोड़ से अधिक राशि सिंचाई क्षेत्र के विस्तार पर व्यय की जाएगी। अनेक जिलों में लघु और मध्यम सिंचाई परियेाजना का जाल बिछाकर किसानों की समृद्धि की राह खोली जाएगी। प्रदेश में 70 नवीन लघु सिंचाई योजनाओं को नए बजट में शामिल किया है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 369 करोड़ रुपए और वाटर शेड विकास के लिए 285 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान है। किसानों की आय दोगुनी करने में सिंचाई साधनों के सहयोग से आसानी होगी। दूसरा फायदा यह होगा कि रबी, खरीफ और जायद तीनों ही सीजन में फसलों की बंपर पैदावार होगी। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।
15 साल में बढ़ी 32 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता
मध्यप्रदेश में 15 साल पहले तक सात लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती थी, अब इसे बढ़ाकर 40 लाख हेक्टेयर कर लिया गया है। यानी 32 लाख हेक्टेयर में ज्यादा सिंचाई हो रही है। आगामी दो-तीन साल में यह 60 लाख हेक्टेयर सिंचाई विकास क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। वर्ष 2025 तक सिंचाई क्षेत्र में विभिन्न परियेाजनाओं के लिए एक लाख 10 हजार 500 करोड़ रुपए की राशि निवेश की जाएगी।