विश्वा ने पत्र देकर कहा- 2650 नहीं, 2850 रु. लगेंगे सामान के
नल कनेक्शन में लग रहे सामान, मजदूरी और रोड कटिंग लागत को लेकर निगम और विश्वा कंपनी के बीच सहमति नहीं बन पाई। योजना की समीक्षा बैठक के पांच दिन बाद कंपनी ने निगम को पत्र दिया। इसमें मीटर निगम द्वारा लगाए जाने पर अन्य सामान की लागत 2850 रुपए लगने की बात कही। इसके साथ ही कंपनी ने सुरक्षा राशि देने और मेंटेनेंस खर्च बढ़ाने की मांग भी की।
इसके बाद मंगलवार शाम को जोन नंबर एक कार्यालय में महापौर सुभाष कोठारी की अध्यक्षता में कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर के साथ बैठक हुई। इसमें प्रोजेक्ट मैनेजर अपनी बात पर अड़े रहे। उन्होंने कहा पिछले बैठक में कम राशि बता दी थी। वरिष्ठ अफसरों ने बाजार के सर्वे पश्चात राशि तय की है। 2850 रुपए लगेंगे। निगम चाहे तो किसी और से यह काम करवा लें। इससे कम में कंपनी नहीं कर पाएगी।
कंपनी ने सुरक्षा निधि देने व मेंटेनेंस खर्च बढ़ाने की मांग भी की
पांच दिन पहले महापौर ने 2500 रु. की बात कही थी
पांच दिन पहले हुई बैठक में महापौर ने 2500 रुपए में कनेक्शन करने की बात कही थी। कंपनी तब 2650 रुपए की मांग कर रही थी। बैठक में मौजूद अफसरों ने ऐसी स्थिति में नल कनेक्शन के लिए टेंडर करने की बात भी कही। हालांकि आधे घंटे चली बैठक के बावजूद निर्णय नहीं हो पाया। बैठक में आयुक्त जेजे जोशी, कार्यपालन यंत्री ईश्वर सिंह चंदेली, उपयंत्री संजय शुक्ला, राजेश गुप्ता, दिलीप मालवीय, कंपनी के देवेंद्र सिंह और सुनील कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
इधर, किस्त लेकर भी मकान नहीं बनाने वालों पर केस दर्ज कराएगा निगम
प्रधानमंत्री आवास योजना में किस्त लेकर भी मकान नहीं बनवाने वाले हितग्राहियों पर निगम सख्ती से कार्रवाई करेगा। योजना के तहत 1072 मकानों का काम कराना है। सभी लोगों को पहली किस्त दे दी है। बावजूद इसके 350 लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक काम शुरू नहीं कराया। इन लोगों से निगम के अधिकारी-कर्मचारी संपर्क कर समझाइश देंगे। इसके बाद भी काम शुरू नहीं करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी भारतीय दंड विधान की धारा 420 के तहत मामला दर्ज हो सकता है। वहीं निर्माणाधीन मकानों का काम दो माह में पूरा होगा। मंगलवार को जनकार्य एवं उद्यानिकी विभाग की बैठक में यह निर्णय लिया गया। योजना के तहत अपेक्षित संख्या में मकान नहीं बनने पर महापौर सुभाष कोठारी ने योजना की समीक्षा की।
पीएम आवास
1072 लोगों को दी है पहली किस्त।
716 लोगों को दूसरी किस्त दी।
445 लोगों को तीसरी किस्त दी।
335 लोगों को चौथी किस्त दी जा चुकी है।