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व्यापारियों ने 6 रु. किलाे के प्याज की बोली 2 रु. लगाई, किसानों ने बंद की नीलामी; हंगामा, इंदौर रोड पर डेढ़ घंटे चक्काजाम

3 वर्ष पहले
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भावांतर पर प्याज खरीदी के दौरान किसानों ने शुक्रवार को मंडी में हंगामा कर दिया। बंपर आवक देख व्यापारी 600 रु. क्विंटल वाला प्याज नीलामी में 200 रुपए में खरीद रहे थे। व्यापारियों की मनमानी पर नाराज किसानों ने नीलामी रुकवा दी। किसानों ने पहले मंडी कार्यालय का घेराव किया फिर इंदौर रोड पर डेढ़ घंटे तक चक्काजाम किया।

शुक्रवार को भावांतर योजना के अंतर्गत 200 वाहन लेकर किसान मंडी पहुंचे थे। सुबह 10 बजे प्याज की नीलामी शुरू हुई। व्यापारियों ने नीलामी 50 पैसे किलो से शुरू कर 2 रुपए पर खत्म कर दी। बेहतर क्वालिटी पर भी दाम नहीं मिलने पर किसान भड़क गए और नीलामी रुकवा दी। किसान मंडी कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी कर हंगामा किया। दोपहर 12.30 बजे उद्यानिकी विभाग के अफसर मंडी पहुंचे और किसानों की समस्या सुनी। यहां भी संतोषजनक जवाब नही मिला तो दोपहर 1 बजे बड़ी संख्या में किसान इंदौर रोड पर पहुंचे और बीच सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। इससे मार्ग के दोनों ओर एक किमी तक जाम लग गया। दोपहर 3 बजे भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी माैके पर पहुंचे और किसानों को समझाइश देकर वहां से हटाया। किसान मंडी पहुंचे, यहां फिर किसानों और व्यापारियों में अनबन हुई। दोपहर 3.30 बजे किसान नेताओं के सामने दोबारा नीलामी में प्याज बिका।

किसान नेताओं ने आकर समझाया तब माने और हटे किसान

आक्रोशित किसानों ने इंदौर रोड पर चक्काजाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई।

मंडी में 40 किलो प्याज का दाम 260 रु., भावांतर में 1 क्विंटल के 200 रु.

भावांतर में जिन किसानों का पंजीयन नहीं है वे मंडी में 40 किलो (1 मन) प्याज 260 से 300 रुपए तक में बेच रहे हैं, जबकि योजना में एक क्विंटल प्याज का दाम 2 से 3 रु. किसानों को मिल रहा है। यानी मंडी में खुले में दाम 8 रु. व भावांतर में 2 रुपए किलो।

खरगाेन, भीकनगांव का प्याज मंडी में गुरुवार को 12 हजार 209 क्विंटल प्याज आया। समिति के अनुसार खरगोन व भीकनगांव में सरकारी नीलामी में खरीदी नहीं हाेने पर उपज लेकर यहां पहुंच रहे हैं।

भावांतर को लेकर असमंजस में हैं किसान

प्याज का समर्थन मूल्य शासन द्वारा 8 रु. किलो तय किया है, यानी सबसे बेस्ट क्वालिटी का प्याज इसी दाम में खरीदना होगा। वर्तमान में राशि तय नहीं होने से किसान असमंजस में हैं खातों में कितनी राशि आएगी। इधर, महाराष्ट्र व आंध्रप्रदेश की औसत खरीदी के बाद भावांतर की राशि तय होगी।

ऐसे समझें भावांतर योजना

प्याज का समर्थन मूल्य 800 रु. क्विंटल है। किसान ने जिस दाम में उसे मंडी में बेचा उसका अंतर और महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश में उस दिन के मॉडल विक्रय रेट में आए अंतर में जो भी न्यूनतम होगा, वह किसान को दिया जाएगा। उदाहरण के लिए मंडी में प्याज अधिकतम 600 रुपए प्रति क्विंटल बिका और किसी किसान का प्याज 400 रुपए में ही बिक पाया और उस दिन का मॉडल रेट 50 या 100 या रुपए निकला तो किसान के खाते में प्रति क्विंटल इतनी ही राशि ट्रांसफर की जाएगी।

सहकारी सोसायटियों से किसानों को मैसेज पहुंचना थे, लेेकिन ऐसा नहीं होने पर आवक बढ़ गई। सोमवार से जिन किसानों को मैसेज पहुंचेंगे वे ही उपज लेकर मंडी आएंगे। -राजू बड़वाहा, उपसंचालक, उद्यानिकी विभाग

डेयरी के लिए स्वीकृत 6 लाख रुपए के लोन में से बैंक मैनेजर मांग रहा था 30 हजार की रिश्वत, 4 हजार लेते पकड़ाया

मामला बोरगांव बुजुर्ग की सहकारी बैंक शाखा का विद्यासागर परियोजना में फरियादी को डेयरी फार्म के लिए स्वीकृत हुए थे 6 लाख रुपए 25 हजार पहले ले चुका था

बोरगांव बुजुर्ग | जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की बोरगांव बुजुर्ग शाखा के प्रबंधक गोपाल सिंह दरबार को लोकायुक्त टीम ने शुक्रवार सुबह 11 बजे चार हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा। पकड़ाते ही दरबार लोकायुक्त टीम से बोला- मुझे छोड़ दो, मेरी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। टीम ने केस दर्ज कर आरोपी को 50 हजार रु. की जमानत पर छोड़ दिया।

बोरगांव बुजुर्ग निवासी कमलेश उर्फ कमल पाटील ने आचार्य विद्यासागर योजना के तहत डेयरी फार्म के लिए सहकारी बैंक की बोरगांव शाखा में लोन का आवेदन किया था। 18 फरवरी को छह लाख का लोन स्वीकृत भी हो गया। शाखा प्रबंधक गोपाल सिंह ने राशि देने के लिए पांच प्रतिशत के हिसाब से 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। पहली किस्त 1.78 लाख देते समय गोपाल ने 5 हजार रुपए लिए। 1.93 लाख रुपए की दूसरी और 70 हजार की तीसरी किस्त देते समय 10-10 हजार रुपए लिए। इसके बाद पांच हजार रुपए के लिए दबाव बनाने लगा। बात चार हजार रुपए पर तय हुई। परेशान होकर कमलेश ने बुधवार को लोकायुक्त से शिकायत की।

सभी से रिश्वत मांगता था

गोपाल सहकारी बैंक के साथ सेवा सहकारी समिति का प्रभारी शाखा प्रबंधक भी है। बताते हैं वह बैंक से जुड़े मामले निपटाने के लिए हर व्यक्ति से रिश्वत मांगता था। एनआईटी कश्मीर से पास आउट उसका बेटा दिल्ली में रहकर आईएएस की तैयारी कर रहा है। गोपाल का बोरगांव बुजुर्ग में दो मंजिला मकान, ऑटो पार्ट्स की दुकान, सर्विसिंग सेंटर और करीब ढाई एकड़ खेती की जमीन भी है।

गोपालसिंह शाखा प्रबंधक

दो मंजिला घर, ऑटो पार्ट्स की दुकान, सर्विस सेंटर व ढाई एकड़ जमीन फिर भी मांग रहा था रिश्वत बेटे को बनाना चाहता है आईएएस

गोपाल के कहने पर दोस्त से रुपए उधार लेकर खरीदी थी तीन गीर गाय

कमलेश ने बताया गोपाल ने कहा था तुम्हारा लोन हो जाएगा। मवेशी खरीद लो। मैंने दोस्त से रुपए उधार लेकर तीन गीर नस्ल की गाय खरीद ली। दोस्त को लौटाने के लिए रुपए की जरूरत थी। इसका फायदा उठाकर गोपाल ने रिश्वत मांगी थी। डीएसपी प्रवीणसिंह बघेल ने बताया फरियादी की शिकायत पर टीम सुबह गांव पहुंची। टीम ने फरियादी से गोपाल को फोन लगाने को कहा। गोपाल ने कहा 15-20 मिनट में पहुंच रहा हूं। कमलेश ने जैसे ही चेंबर में उसे रुपए दिए टीम ने बैंक शाखा प्रबंधक को पकड़ लिया।

कमल पाटील फरियादी

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