पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • 120 साल पुराने शनि मंदिर में पहली बार छप्पन भोग लगाया और केक काटा मनाया जन्मोत्सव, महाआरती भी हुई

120 साल पुराने शनि मंदिर में पहली बार छप्पन भोग लगाया और केक काटा मनाया जन्मोत्सव, महाआरती भी हुई

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शनि जयंती पर मंिदर में छप्पन भोग लगाकर केक काटते हुए।

तेल से भक्तों ने किया शनिदेव का अभिषेक, विशेष शृंगार के साथ पूजन भी हुआ

भास्कर संवाददाता | खंडवा

120 साल पुराने शनि मंदिर में पहली बार छप्पन भोग लगाया और भगवान का जन्मोत्सव केक काटकर मनाया। भवानी माता रोड स्थित प्राचीन शनि मंदिर में सैकड़ों लोग दर्शन के लिए पहुंचे। मंगलवार को शनि जयंती पर इंदौर नाका और राम नगर के शनि मंदिर में भी कार्यक्रम किए। मंदिरों में सुबह से दोपहर तक लोगों ने शनि देव की मूर्ति का तेल से अभिषेक किया। प्राचीन शनि मंदिर में दोपहर 12.30 बजे शनिदेव की महाआरती कर प्रसादी का वितरण किया। इसी प्रकार इंदौर नाका क्षेत्र में शनि सिगनापुर से लाई भगवान शनि की प्रतिमा का विशेष शृंगार और पूजन किया।

पंडित गणेश शर्मा और गोलू शर्मा ने बताया शनिदेव जयंती जन्मोत्सव पारंपरिक रूप से मनाया गया। जिन राशि वालों को शनि की महादशा, शनि अंतर-परंतर दशा, साढ़े साती, अढ़ैया व राहु-केतु दशा अनिष्ट चल थी उन्होंने अपने स्वकल्याणार्थ भगवान का तेल से स्नान, अभिषेक, दान किया। शनि दशा में काला कपड़ा, काली तिल, काला फल, उड़द, तेल, लोहा, कंबल, छाता, नारियल, पान, प्रसादी, नैवेद्य, दक्षिणा सहित दान का महत्व है। शनिदेव जन्मोत्सव उपलक्ष्य में 19 मई शनिवार को शनिदेव की पूजा के साथ भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

खबरें और भी हैं...