नवीन शैक्षणिक सत्र 2018-19 में मेडिकल कॉलेज की मान्यता में स्टाफ की कमी रोड़ा बन रहा है। कॉलेज में प्रोफेसर्स, सीनियर और जूनियर रेसीडेंट्स के 59 में केवल 35 ने ज्वाइन किया है। पिछले महीने कॉलेज के निरीक्षण पर आई मेडिकल काउंसिल आॅफ इंडिया (एमसीआई) की टीम ने स्टाफ की कमी और निर्माण के अधूरेपन को नोट किया था।
जानकारी के मुताबिक मेडिकल कॉलेज के लिए 42 स्टाफ का चयन पहले से हो चुका है। कॉलेज को शुरू करने के लिए 59 स्टाफ की आवश्यकता है। कॉलेज में स्टाफ की पूर्ति के लिए शहडोल एवं छिंदवाड़ा कॉलेज के लिए आवंटित 9 स्टाफ के साथ मेडिकल कॉलेज इंदौर के 9 डॉक्टरों का खंडवा ट्रांसफर किया गया था लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। निरीक्षण के दौरान एमसीआई की टीम ने सुरक्षा के लिहाज से निर्माण कार्यों को गैर जरुरी बताया था। टीम ने लेक्चर हाल सहित लैब और लाइब्रेरी एवं प्रशासनिक भवन में सुविधाओं व उपकरण की कमी को भी देखा था। हालांकि स्थानीय स्टाफ एमसीआई टीम को नए सत्र से पहले कॉलेज में सुविधा उपलब्ध कराने का दावा करता रहा। टीम के निरीक्षण के बाद व्यवस्थाओं को लेकर दो बार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिल्ली तलब किया। फिलहाल कॉलेज की मान्यता स्वास्थ्य मंत्रालय के पास पेंडिंग है।