- Hindi News
- National
- पहली बार... मप्र के कलेक्टरों से रूबरू होंगे पीएम, नीति आयोग की रिपोर्ट के बाद के हालात पर करेंगे चर्चा, 24 को मंडला में बैठक
पहली बार... मप्र के कलेक्टरों से रूबरू होंगे पीएम, नीति आयोग की रिपोर्ट के बाद के हालात पर करेंगे चर्चा, 24 को मंडला में बैठक
नीति आयोग ने हाल ही में मप्र के जिन आठ जिलों की पिछड़े जिलों के रूप में रैंकिंग की थी, उन्हीं जिलों के कलेक्टरों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंडला में मीटिंग लेने जा रहे हैं। वे 24 अप्रैल को जबलपुर पहुंचकर मंडला जाएंगे। पहली बार ऐसा होगा, जब मोदी मप्र के कलेक्टरों के साथ बैठक करेंगे। बताया जा रहा है कि मोदी इन जिलों के कलेक्टरों से पूछेंगे कि नीति आयोग की रिपोर्ट आने के बाद उन्होंने पिछड़ों जिलों के डेवलपमेंट का क्या रोडमैप तैयार किया है। अचानक तय हुई मोदी की इस मीटिंग को लेकर शासन भी संशय में है कि क्या करें। फिलहाल कलेक्टरों से तैयारी करने के लिए कह दिया गया है।
जिन 8 जिलों के कलेक्टरों को बुलाया गया है, उनमें विदिशा, खंडवा, राजगढ़, छतरपुर, दमोह, गुना, बड़वानी और सिंगरौली शामिल हैं। हैरानी की बात यह है कि विदिशा भी पिछड़े जिलों में शामिल है, जिस संसदीय सीट से पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी, वर्तमान केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सांसद रह चुके हैं। प्रधानमंत्री की इसी मीटिंग के चलते प्रशासनिक सर्जरी के भी टलने के आसार बन गए हैं।
मोदी 8 पिछड़े जिलों के कलेक्टरों से पूछेंगे- क्या है विकास की प्लानिंग
देश के 101 पिछड़े जिलों की सूची में मप्र के विदिशा, खंडवा, राजगढ़, छतरपुर, दमोह, गुना, बड़वानी व सिंगरौली शामिल
विदिशा : सुषमा स्वराज का संसदीय क्षेत्र, अटल-शिवराज भी रहे सांसद, फिर भी पिछड़ा
40 की उम्र में परिवार व अन्य चिंताओं की वजह से अधिकारियों में काम का जज्बा नहीं रह जाता -10 मार्च को राष्ट्रीय जनप्रतिनिधि सम्मेलन में नरेंद्र मोदी
दो जिले टॉप ट्वंटी में, दो की हालत खस्ता
8 जिलों की देश में रैंक
15वीं
राजगढ़
26वीं
छतरपुर
आठ में से चार जिलों के कलेक्टर 50 की उम्र पार कर चुके
जिला कलेक्टर उम्र
1. विदिशा अनिल सुचारी 51 साल
2. दमोह श्रीनिवास शर्मा 55 साल
3. गुना राजेश कुमार जैन 57 साल
4. छतरपुर रमेश भंडारी 59 साल
(नीति आयोग की रैंकिंग में अच्छी स्थिति के पहले 20 जिले और आखिरी के 20 जिलों की रिपोर्ट जारी की। अध्ययन देश के 101 जिलों का किया।)
41वीं
खंडवा
42वीं
विदिशा
47वीं
गुना
55वीं
दमोह
99वीं
सिंगरौली
67वीं
बड़वानी
टॉप में
1. राजगढ़ : कलेक्टर कर्मवीर शर्मा (36 वर्ष)
रिपोर्ट : बिजली और रोड कनेक्टिविटी के साथ शौचालय और पेयजल की स्थिति कमोबेश बेहतर है। रैंक चार दी गई, लेकिन देशभर से तुलना करने पर 15वीं रैंक मिली।
2. विदिशा : कलेक्टर अनिल सुचारी (51 वर्ष)
रिपोर्ट - स्किल डवलपमेंट में स्थिति बेहतर है। रैंक 5 दी गई, लेकिन सभी पैरामीटर पर आंकलन करने के बाद देशव्यापी रैंक 42वीं रही।
बॉटम में
1. सिंगरौली : कलेक्टर अनुराग चौधरी (35 वर्ष)
रिपोर्ट : लड़कियों के स्कूल में टायलेट, बच्चों के लिए पेयजल व बिजली की उपलब्धता। जिले में स्कूलों के ड्रॉप आउट रेट के साथ समय पर किताबें मिलती हैं या नहीं और टीचर्स की संख्या क्या है, इनका अध्ययन करने के बाद रैंक 97वीं मिली। यानी नीचे से चौथे नंबर पर। देशव्यापी सभी मामलों में रैंक इससे भी खराब यानी 99वीं है।
2. विदिशा : कलेक्टर अनिल सुचारी (51 वर्ष)
रिपोर्ट : हैल्थ सेक्टर, पोषण और नवजात की स्थिति व ग्रोथ की दर क्या है। प्रसव से पहले और बाद में किस तरह की स्वास्थ्य सेवाएं हैं। इसका अध्ययन करने पर 98वीं रैंक मिली जो नीचे से तीसरे नंबर पर है।