किसानों से खरीदी उपज बेचकर जीएसटी व दुकान का कर्ज चुकाया
मंडी के बाहर भी कई किसानों से कपास खरीद थमा दिए चेक
दो किसानों ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई
भास्कर संवाददाता | मूंदी
करीब 25 किसानों का 15 लाख रुपए लेकर फरार व्यापारी किशन जाधव की गिरफ्तारी के बाद अन्य लेनदार किसान भी सामने आ रहे हैं। उसने मंडी के बाहर भी कई किसानों से सीधे उपज खरीदी थी। शुक्रवार को दो किसानों ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। एक किसान को कपास भुगतान के लिए चार लाख का चेक भी दिया जो बाउंस हो गया। पुलिस पूछताछ में व्यापारी जाधव ने उपज की राशि से जीएसटी भरने के साथ सहेजला की खाद-बीज दुकान का कर्ज चुकाना बताया है। अब उसके पास संपत्ति के नाम पर कुछ नहीं है।
व्यापारी की गिरफ्तारी के बाद किसानों ने पुलिस से मांग की है कि किशन को लाइसेंस देने में की गई लापरवाही की जांच की जाए। लाइसेंस देने के नियम सार्वजनिक किए जाएं ताकि किसानों को भी व्यापारी की स्थिति पता चल सके। गुजरखेड़ी के किसान राजेंद्र घीसाजी चौहान से किशन जाधव ने मंडी के बाहर कपास खरीदकर खंडवा की बैंक का चार लाख रुपए का चेक दिया था। 15 फरवरी को चेक लगाने पर बैंक ने जीरो बैलेंस बताकर वापस कर दिया। राजेंद्र चेक लेकर मूंदी थाने पहुंचा। टीआई को आवेदन देकर भुगतान दिलाने की मांग की। टीआई नीरज मेढ़ा ने बताया पूछताछ में जाधव के पास कोई चल-अचल संपत्ति नहीं मिली है। सहेजला की उसकी दुकान में भी कुछ नहीं है। जाधव के मंडी के बाहर उपज बेचने वाले किसान भी शिकायत करने आ रहे हैं। किसानों की मांग पर मंडी प्रशासन द्वारा लाइसेंस देने में चूक की जांच की जाएगी। नियम पता किए जाएंगे। कुछ गलत होगा तो कार्रवाई की जाएगी।