लकड़ी से मारपीट कर मां-बेटे को घायल करने वाले को एक साल की सजा
मामूली बात पर लकड़ी से मारपीट कर मां-बेटे को घायल करने के आरोपी को अलग-अलग धाराओं में एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। उस पर दो हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया।
फैसला शुक्रवार को अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने दिया। घटना 24 जून 2017 को जावर थाना क्षेत्र के ग्राम खेड़ीकित्ता की है। घटना वाले दिन शाम 6.30 बजे गांव का मुकेश अपनी बकरी लेने गया। बकरी गांव के ही जुझार सिंह पिता चैन सिंह के ट्रैक्टर के नीचे घुस गई। मुकेश उसे निकालने लगा तो जुझार सिंह और उसके बेटे गोलू ने उसके साथ लकड़ी से मारपीट की। मुकेश की मां सुमनबाई उसे छुड़ाने आई तो जुझार सिंह की प|ी रेखाबाई ने उसके साथ भी मारपीट की। इससे मां-बेटे घायल हो गए। जावर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। शुक्रवार को अदालत ने जुझार सिंह को सजा सुनाई।