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ये मैदान नहीं, भैरव तालाब की जलकुंभी है, जहां से इमरजेंसी में सप्लाई होता है पीने का पानी

3 वर्ष पहले
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खंडवा | ये खेल का मैदान नहीं, बल्कि इंदौर रोड स्थित भैरव तालाब की जलकुंभी है। तालाब में पानी की जगह चारों ओर जलकुंभी ही दिखाई दे रही है। बड़ी मात्रा में जलकुंभी के कारण तालाब के पानी से दुर्गंध आ रही है। यह प्राचीन जल स्रोत शहर के मध्य में है। नर्मदा जल योजना शुरू होने के पहले तक यहां से नियमित रूप से सात वार्डों में पानी सप्लाई की जाती थी। अभी भी वैकल्पिक रूप से यहां से पानी वार्डों में सप्लाई किया जाता है। निगम की लापरवाही के कारण प्राचीन जल स्रोत का अस्तित्व खतरे में आ गया है। बारिश से पहले जलकुंभी तालाब से नहीं निकाली तो आने वाले समय में तालाब का मूल स्वरूप खत्म हो जाएगा।

यहां से इन वार्डों में होती है वैकल्पिक रूप से पानी की सप्लाई

संजय नगर, दादाजी वार्ड, भैरव तालाब वार्ड, पदमकुंड वार्ड, भवानी माता वार्ड, संतोषी माता और सिंघाड़ तलाई वार्ड।

यह है जलकुंभी

जलकुंभी का सामान्य नाम वाटर हयासिन्थ व वैज्ञानिक नाम इकोरनीय क्रे‍सीपस है। सामान्यतः उन तालाबों में उगती है जहां पूरे वर्ष पानी जमा रहता है। जलकुंभी एक जलरागी पौधा है। पौधे जल की सतह पर तैरते हैं। थोड़े ही समय में ये किसी जलीय क्षेत्र में पूरी तरह फैल जाते हैं और जल के बहाव में बाधा उत्पन्न करते हैं। इसकी गांठों से जड़े अधिक निकलती है।

सफाई करवाकर निकलवाएंगे

मुझे पता नहीं था, आज ही जानकारी मिली। तालाब की सफाई करवाकर जलकुंभी निकलवाएंगे। -जेजे जोशी, आयुक्त

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