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पिछड़े जिले से अगड़ी लाइन में लाना सबसे बड़ी चुनौती, 41वें नंबर से कम होने पर ही बढ़ेंगे कलेक्टर के नंबर

3 वर्ष पहले
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कलेक्टर ने दिए तेजी से काम करने के संकेत

पहले दिन ही निरीक्षण के दौरान कहा देखिए कोई सस्पेंड मत होना

भास्कर संवाददाता | खंडवा

कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने आते ही अपनी कार्यशैली के संकेत देना शुरू कर दिया है। पहले दिन शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान व दूसरे दिन शनिवार को शहर में अलग-अलग स्थानों पर हुए कार्यक्रमों में उन्होंने अफसर कर्मचारियों को नियम से केवल काम करने के लिए कहा है। पहले दिन उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि कोई मेरे हाथ से सस्पेंड नहीं होना। दूसरे दिन शनिवार को शहर के अलग अलग कार्यक्रमों में उनके तेवर देखने को मिले। अफसरों से नाराजी भी जताई। जिले के सभी अफसरों से एक साथ उनकी पहली मुलाकात सोमवार को टीएल में होगी। इसमें कलेक्टर अपने इरादों के साथ कार्यक्रम सबको बता सकते हैं। पिछड़े जिलों की सूची में शामिल जिले को अगड़ी लाइन में लाना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। नीति आयोग द्वारा जारी सर्वाधिक पिछड़े 101 जिलों में जिला 41वें नंबर पर है। इस नंबर काे कम करने से ही कलेक्टर के नंबर बढ़ेंगे।

पिछडऩे के लिए बच्चों का खराब स्वास्थ्य, टीकाकरण नहीं होना, खराब शैक्षणिक स्तर, डाक्टरों के खाली पद को मुख्य कारण माना जा रहा है। स्वास्थ्य व शिक्षा में सुधार की ज्यादा संभावनाएं हैं। डाक्टरों व शिक्षकों से जिम्मेदारी के मुताबिक काम लेना साथ ही महिला बाल विकास के मैदानी अमले को काम के प्रति जिम्मेदार बनाना होता ताकि बच्चों का टीकाकरण, उनका भरण पोषण समय से हो। व्यवस्था में जरूरी सुधार हो, कुपोषण की समस्या पर लगाम लगे। अब तक आए कलेक्टरों ने इन सभी मुद्दों पर काम तो किया लेकिन सफल नहीं हो पाए। हर बार परिणाम आने से पहले ही अलग-अलग कारणों से उनके स्थानांतरण हो गए। काम जहां से शुरू हुआ वहीं पहुंच गया। अब ऐसा न हो इसके लिए तेजी से काम करने की जरूरत होगी।

यह भी चुनौतियां - करीब एक साल से लचर हुई व्यवस्था को दुरुस्त करना। जिले में चल रहे निर्माण कामों में तेजी लाना। सिंचाई योजनाओं को समय से पूरा कराना। इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव व उसके बाद लोक सभा चुनाव कराना।

नहीं रखी जाएगी को कोई कमी

जिला स्तर से हर संभव प्रयास किए जाएंगे। आईसीडीएस की योजनाओं के क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग हर स्तर पर की जाएगी। ताकि बेहतर परिणाम मिलें। काम में कहीं भी कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। विशेष गढ़पाले, कलेक्टर

कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी

शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखना हमेशा से चुनौती पूर्ण माना जाता रहा है, ज्यादा कुछ नहीं होने के बावजूद व्यवस्था पटरी से उतरती रही। कलेक्टर एमके अग्रवाल के समय से यह पटरी पर है। बावजूद इसके बीच बीच में विवाद होते रहे हैं। मौजूदा समय में पुलिस अधीक्षक, एसडीएम भी हाल ही में आए हैं ऐसे में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अफसरों को अपने तरीके अपनाना होंगे। यह काफी हद तक ठीक भी रहेगा। अब तक आए अफसर पूर्वाग्रहों से बंधकर आगे बढ़े, ज्यादा अच्छे परिणाम नहींं मिले। नियंत्रण रहा सुधार नही हो पाया। अब नए अफसरों से सुधार की उम्मीद की जा सकती है।

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