खंडवा | लोक निर्माण विभाग द्वारा ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत वर्ष 2007-08 में कराए गए सड़क सुधार और चौड़ीकरण सहित दो पुलिया निर्माण कार्य के दस्तावेज नहीं मिल रहे हैं। इस मामले में सूचना के अधिकार के तहत कामों के मस्टर मांगें गए थे, लेकिन दस्तावेज नहीं दिए गए। मई 2017 में मुख्य सूचना आयुक्त केडी खान ने खंडवा आकर मामले की सुनवाई की और दस्तावेज देने को कहा। इसके बावजूद दस्तावेज नहीं दिए गए। खान ने कहा दस्तावेज नहीं मिलने की स्थिति में अफसरों की जिम्मेदारी तय कर दोषी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराएं। विभागीय कार्रवाई की जानकारी सूचना आयोग को भी भेजें। अप्रैल 2018 में तत्कालीन कलेक्टर ने भी एफआईआर कराने के आदेश दिए लेकिन कुछ नहीं हुआ। जानकारी मांगने वाले शाहिद शेख ने लगातार शिकायत की पर सुनवाई नहीं हुई। लोक निर्माण विभाग ने 2007-08 में घाटाखेड़ी से कालंका सड़क (8 किमी) सुधार व चौड़ीकरण का काम 54.31 लाख रुपए में कराया जबकि तैलिया बाबा से धावड़िया तक डब्ल्यूबीएम सड़क व दो पुलियाओं का निर्माण भी कराया गया। यह दोनों काम 1.20 करोड़ की लागत से कराए। काम की क्वालिटी पर सवाल खड़े होने पर शिकायत हुई थी। लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री पीके झानिया का कहना है यह दस्तावेज गुम होने का मामला है। एसडीओ को निर्देश भी दिए हैं। उन्हें एफआईआर कराने भेजा भी था, नहीं हुई है तो फिर भेजेंगे। निर्देशानुसार प्रकरण में एफआईआर कराएंगे।