ईओ रणबीर सिंह ने कहा कि भेदभाव वाली कोई बात नहीं है। वैट रकम आते ही पेंडेंसी क्लीयर की गई। ठेकेदारों के साथ-साथ मुलाजिमों को वेतन दिया गया। जिनका वेतन रह गया था, वो ठेकेदारों के चालानों की वजह से लेट हुआ है। उनका मकसद यह है कि हर मुलाजिम का ईपीएफ व ईएसआई काटकर ठेकेदार समय पर चालान जमा करा दें, ताकि पेमेंट जारी करने में कोई दिक्कत न आए।
कौंसलर की मेंबरशिप कैंसिल करने की मांग
धरने के दौरान कौंसलर कृष्ण पाल के खिलाफ भी रोष जताया गया। यूनियन प्रधानों अनिल कुमार और एडवोकेट मदन लाल बालू ने कहा कि सीवरमैन और सफाई सेवक जान पर खेलकर सफाई करते हैं। इसके बावजूद कौंसलर कृष्ण पाल ने उन्हें गालियां देकर और बुरा भला कहते हुए इसकी वीडियोज वायरल कर रहे हैं। इस मौके पर कौंसिल के मुलाजिम अश्वनी कुमार द्वारा एक लिखित शिकायत कौंसलर कृष्ण पाल के खिलाफ ईओ को दी गई, जिसमें कौंसलर की मेंबरशिप रद्द करने की मांग की है। उधर, कौंसलर कृष्ण पाल ने कहा कि जो भी हुआ गलत हुआ है। कौंसिल परिवार के समान है। जो भी गिले शिकवे हैं, वे अपनों के बीच बैठकर मिटा लेंगे।