रेलवे लाइन पार पार्टी और कौंसिल की साख बचाना चुनौती, कौंसलरों समेत लोगों में हल न होने से पाया जा रहा रोष
लाखों रुपए लगाकर जनरेटरों से पानी की निकासी का दावा, ग्राउंड रिपोर्ट जीरो
सिटी रिपोर्टर|खन्ना
अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार के समय अपनी सरकार न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ने वाली कांग्रेस शासित नगर कौंसिल खन्ना ने अपनी सरकार का एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी लोगों की समस्याओं का हल नहीं किया है। जिसके चलते कांग्रेस राज में कांग्रेसी कौंसलर ही इतने दुखी हैं कि वे अंदर ही अंदर पार्टी को कोस रहे हैं। बड़ी से बड़ी समस्याओं का हल तो दूर, नगर कौंसिल सीवरेज के ढक्कन तक नहीं लगा रही है। जिस कारण खुले मेनहोल हादसों को न्यौता दे रहे हैं। कुल मिलाकर रेलवे लाइन पार के कई कौंसलरों व लोगों में भारी रोष के चलते कांग्रेस के लिए इस इलाके में पार्टी व कौंसिल की साख बचाना चुनौती बना हुआ है। हालांकि, नगर कौंसिल रेलवे लाइन पार के वार्डों में लाखों रुपए खर्च करके जनरेटरों से गंदे पानी की निकासी के दावे कर रही है, मगर ग्राउंड रिपोर्ट जीरो है। जिसके चलते कौंसिल की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शुक्रवार को वार्ड 5 से कांग्रेसी कौंसलर कृष्ण पाल ने कौंसिल की कार्यशैली पर तंज कसते हुए कहा कि रेलवे लाइन पार गंदे पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं है। सीवरेज के ढक्कन लगाने के लिए उन्होंने एक महीने से कहा हुआ है। लेकिन कोई उनकी बात नहीं सुन रहा। शुक्रवार को कौंसिल की टीम बुलाकर गंदा पानी खेतों में छुड़वाया गया, तो कौंसिल की टीम ने मेनहोल पर ढक्कन रखने से इंकार कर दिया। जबकि, जिस गली में मेनहोल खुला रखा गया, वह वार्ड 4 और 5 की सांझी गली है। इस गली से रोजाना सैकड़ों बच्चे स्कूलों को जाते हैं। लोग गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने आते हैं। अगर इस दौरान कोई हादसा हो जाता है, तो इसकी जिम्मेवार नगर कौंसिल होगी। सोशल वर्कर संदीप सिंह धामी ने कहा कि नगर कौंसिल को लोगों की कोई चिंता नहीं है। अफसर अपने दफ्तरों में एसी में बैठते हैं और लाइन पार के लोग सारा दिन अपने घरों को गंदे पानी से बचाते रहते हैं।
प्रधान ने फोन नहीं उठाया, एमई मौके पर नहीं आए : इलाके के बुरा हालातों से खफा कौंसलर कृष्ण पाल ने नगर कौंसिल प्रधान विकास मेहता को मौके पर बुलाने के लिए दो बार फोन किया। लेकिन प्रधान ने फोन नहीं उठाया। कृष्णपाल के अनुसार एमई राजीव शर्मा ने यह कहकर मौके पर आने से इंकार किया कि वे कहीं बाहर हैं और आ नहीं सकते।
नाले में गिरकर मासूम की हुई थी मौत : रेलवे लाइन पार कुछ समय पहले नाले में गिरने से एक मासूम बच्चे की मौत हो गई थी। जिस पर नगर कौंसिल के खिलाफ जमकर रोष प्रदर्शन हुआ था। लेकिन इस घटना के बाद भी नगर कौंसिल ने कोई सबक नहीं लिया और अभी भी हालात उसी प्रकार हैं।
डीजल में घपले की आशंका :
रेलवे लाइन पार जनरेटर चलाने के लिए नगर कौंसिल की तरफ से जो लाखों रुपए का डीजल हर महीने खरीदा जा रहा है, उसमें घपले की आशंका जताई जा रही है। क्योंकि, कौंसिल के कागजों मुताबिक रेलवे लाइन पार के जनरेटर सुबह से लेकर शाम तक चलते हैं। लोगों के मुताबिक कुछ समय जनरेटर चलाकर बंद कर दिए जाते हैं। शुक्रवार को भी जब जनरेटर चलाने की कोशिश की गई तो वह बार बार बंद हो रहा था जैसे कि कभी इसकी रिपेयर ही न हुई हो।
जल्द काम शुरू होने वाला है :
विकास मेहता ने बताया मैं पता लगवाता हूं कि क्या समस्या आ रही है। डीजल में घपले वाली कोई बात नहीं है। रुटीन में जनरेटर चल रहे हैं। सीवरेज की डीपीआर भी पास हो चुकी है। जल्द काम शुरू होने वाला है। लोगों से किए हर वादे पूरे होंगे।
पता चलते ही टीम को मौके पर भेजा : राजीव शर्मा एमई ने बताया कि जब मुझे पता चला तो जेई समेत टीम को मौके पर भेज दिया गया था। उनकी मौजूदगी में मेनहोल की सफाई का काम चल रहा है।