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बजट के बावजूद खानपुर में ड्रेनेज नहीं बना, निर्माण भी घटिया

3 वर्ष पहले
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पंचायत समिति में हर साल विकास सहित अन्य मद में बजट आता गया, लेकिन न तो बड़ी समस्या ड्रेनेज सिस्टम का हल कर पाए और न ही जो निर्माण करवाए उनमें गुणवत्ता आ पाई। इन्हीं समस्याओं को लेकर लोगों ने मुख्यमंत्री के जनसंवाद में शिकायत की तो सीएम ने नाराजगी जताई और पंचायत समिति में दिए गए बजट के कार्यों की जांच कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि इसका पूरा हिसाब लिया जाएगा कि करीब 40 करोड़ का बजट खर्च कहां किया। कस्बेवासियों की शिकायत के बारे में भास्कर ने पड़ताल की तो सामने आया कि जिन कार्यों पर खर्च करने की जरूरत थी वहां की बजाय पंचायत समिति ने ऐसे निर्माण करवा दिए जिनकी गुणवत्ता की चंद माह में ही पोल खुलने लगी।

जनसंवाद में शिकायत पर सीएम ने जताई थी नाराजगी, 40 करोड़ के बजट का मांगा जाएगा हिसाब

खानपुर. कस्बे में 7 करोड़ से बनी सीसी सडक। जो जल्दी ही उखड़ गई।

ड्रेनेज सिस्टम: एक नाली नहीं बनी, सड़कों पर गंदगी

खानपुर में ड्रेनेज सिस्टम के नाम पर एक नाली का निर्माण भी नहीं हुआ है। गंदे पानी कस्बे से बाहर नहीं निकल पा रहा है और मुख्य सड़कों पर भरा रहता है। इसी का नतीजा है कि कस्बे में प्रवेश करते ही बदबू से लोग परेशान रहते हैं। मुख्य सड़कों पर लोगों का चलना भी दूभर है। यही नहीं पुरानी नालियां हैं उनका भी कभी रखरखाव नहीं करवाया गया न ही सफाई हो पाई।

प्रकाश व्यवस्था: एक बल्ब भी नहीं जला

कस्बे में पंचायत समिति की ओर से प्रकाश व्यवस्था के कोई इंतजाम नहीं है। एक साल से प्रकाश व्यवस्था के नाम पर यहां एक बल्ब भी नहीं जल पाया है। रात में सड़कों पर अंधेरा पसरा रहता है। चांदखेडी जैसा धार्मिक स्थल होने के बावजूद भी खानपुर कस्बे के हालात इतने विकट हैं कि लोगों काे रात में अंधेरे में सफर करना मजबूरी बना हुआ है।

घटिया निर्माण: बनने से पहले ही सड़कें उखड़ीं

कस्बे में अभी 20 इंटरलॉकिंग सड़कें बनवाई जा रही हैं। निर्माण होने के कुछ समय बाद ही इनकी टाईलें उखड़ने लगीं। इंटरलॉकिंग सड़क में कहीं भी नालियों का निर्माण नहीं करवाया गया। पंचायत की निजी आय से यहां धर्मशाला और 65 दुकानें सहित अन्य निर्माण करवाए जा रहे हैं, लेकिन उनमें भी अभी से ही दरारें आ चुकी हैं।

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