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किडनैपिंग का शिकार हिमाचल के तीनों युवक 72 दिन बाद नाइजीरिया से लौटे

3 वर्ष पहले
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धर्मशाला | नाइजीरिया से 72 दिन बाद हिमाचल के तीनों युवक रविवार को अपने-अपने गांव लौट आए। इन्हें समुद्री लुटेरों ने किडनैप कर बंधक बना लिया था। नगरोटा बगवां की उस्तेड़ पंचायत के पंकज कुमार, पालमपुर के अजय और नगरोटा सूरियां के ग्रुप कमांडर सुशील धीमान का यहां पहुंचने पर गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया।

भारत सरकार ने वहां की सरकार से बातचीत कर इन्हें लुटेरों के चंगुल से छुड़वाया। तीनों युवक मर्चेंट नेवी में हैं और जहाज लेकर नाइजीरिया की तरफ गए थे। 31 जनवरी को उन्हें समुद्री लुटेरों ने किडनैप कर लिया था।

12 मार्च को सुकनाडा गांव के सुशील धीमान ने अपने घरवालों को फोन पर जानकारी दी थी कि उन्हें छोड़ने के एवज में लुटेरे 11 मिलियन नायरा (नाइजीरियन करेंसी) की फिरौती की मांग कर रहे हैं। पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई। लुटेरों ने परिवारों वालों से सैटेलाइट कॉल से तीन बार फोन भी करवाया था।

दिन में एक बार खाने में देते थे नूडल्स

कैप्टन सुशील ने बताया, ‘लुटेरे दिन में एक बार थोड़े नूडल्स खाने के लिए देते थे। हर तीसरे दिन समुद्री लुटेरों की एक टीम आकर खाने-पीने का कुछ सामान दे जाती थी। जब भारत सरकार से उन लुटेरों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो लुटेरे हमें डराने का प्रयास करने लगे। हमारे कान के पास से हवाई फायर करते और बंदूकें हमारे सीने पर तान देते थे। हर समय हम दहशत में दिन बिता रहे थे। हमारी मानसिक स्थिति दिन पर दिन खराब होती जा रही थी। हम अज्ञात जंगल में सिर्फ दो कपड़ों में समय गुजार रहे थे। जब हमें रिहा किया गया तो हम नाइजीरिया स्थिति भारतीय दूतावास पहुंचे जहां हमें कपड़े दिए गए।’

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