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खुशियां चाहते हैं तो बच्चों के सामने स्मार्टफोन न उठाएं

3 वर्ष पहले
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यदि बच्चों के सामने आप हमेशा स्मार्टफोन लेकर रहते हैं, तो निश्चित तौर पर बच्चे आपसे आत्मीय रूप से जुड़ नहीं पाएंगे। स्मार्टफोन की उपयोगिता भरपूर है। जानकारियों का भंडार आप जेब में लिए रहते हैं, लेकिन फिर भी कई लोग सोचने लगे हैं कि इससे भला होने की बजाय नुकसान ज्यादा हो रहा है।

हाल ही में यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया के पोस्ट डॉक्टरल रिसर्च एसोसिएट कोस्टाडिन कुशलेव ने यह खुलासा किया है। यहां तक कि डिनर की टेबल पर स्मार्टफोन पड़ा होने से फर्क नहीं पड़ता, लेकिन कोई उपयोग कर रहा है, तो आसपास के लोग प्रभावित होते हैं। रिसर्च में पता चला है कि स्मार्टफोन नाखुश नहीं कर रहा है और न ही हमें खराब माता-पिता बनाता है। लेकिन खुशी के अवसरों पर जब सब साथ होते हैं, उस वक्त स्मार्टफोन का खलल आपकी कमी महसूस करा सकता है, क्योंकि वह आपका ध्यान खींच रहा है।

यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग के सेंटर फॉर रिसर्च ऑन मीडिया के प्रोफेसर ऑफ मेडिसिन एंड पीडियाट्रिक्स डॉ. ब्रेन प्राइमैक का कहना है कि कई फोन कंपनियाें में सोशल मीडिया एप्स तैयार करने वाली टीम के इंजीनियर और डिजाइनर को यह लक्ष्य दिया जाता है कि कंज्यूमर 24 घंटे स्मार्टफोन से चिपका रहे। अत: भले ही कोई जरूरी काम न हो, लेकिन फिर भी हम स्मार्टफोन हाथ में ले ही लेते हैं और कुछ करने लगते हैं। अधिकांश लोग तो इसे टूल के रूप में प्रयोग करने लगते हैं।

हमेशा स्मार्टफोन का उपयोग करते रहने में बुराई क्या है? सेन डिएगो स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जीन ट्वेंग के अनुसार इस पर बहस हुई, जिसमें निष्कर्ष निकला कि इससे आपकी सजगता भंग होती है। साथ ही उद्विग्नता और तनाव बढ़ता है। टेक्नोलॉजी का सीमित उपयोग ही मानसिक स्वास्थ्य और खुशी के लिए अच्छा है। प्रोफेसर जेन ने ही ‘आईजेन’ नामक पुस्तक लिखी है, जो किशोरों के जीवन में तकनीकी की भूमिका पर प्रकाश डालती है।

यूनिवर्सिटी ऑफ केलिफोर्निया के बिहेवियरल साइंस विभाग के सायकियाट्री के प्रोफेसर डॉ. गैरी स्माल के अनुसार अधिकांश लोगों को लगने लगा है कि वे टेक्नोलॉजी द्वारा नियंत्रित किए जा रहे हैं। इससे युवाओं का मानसिक स्वास्थ्य भी खराब हो रहा है। बचपन से लेकर किशोरावस्था तक बच्चे के दिमाग के विकास का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। लेकिन घरों में हमेशा स्मार्टफोन उपयोग या टेक्नोलॉजी का जरूरत से ज्यादा उपयोग के कारण उनका मानसिक विकास प्रभावित हो रहा है।

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