करडा| निकटवर्ती खारा गांव के बलवानी नाड़ी स्थित गुरू जम्भेश्वर भगवान मंदिर में शनिवार पांचवे दिन जांभाणी हरिकथा का आयोजन हुआ। कथावाचक स्वामी राजेंद्रानंद महाराज ने कहा कि मां मनुष्य के जीवन के पहली पाठशाला है, मां बच्चों को संस्कारित बनाती है। उन्होंने कहा कि मां से बढकर कोई गुरू नहीं होता, मां बोलना सिखाती है, चलना सिखाता है, मां परमात्मा है मां जन्म देती है, परमात्मा जीवन देता है। मां के बिना जन्म संभव नहीं, मरने के कई मार्ग हो सकते है, लेकिन जन्म मां के बिना नहीं हो सकता। इसलिए तो संसार में मां को उच्च दर्जा प्राप्त है। मां के बिना बच्चे को पालन पोषण ठीक से नहीं होता है, जिसके चलते बच्चा या तो इतनी उन्नति करता है कि जगत में नाम रोशन करता है। या इतना बिगड़ जाता है कि कभी सुधार संभव नहीं।
उन्होंने माता पिता से अपने बच्चों को संस्कारवान बनाने की बात कही। उन्होंने कहा की मनुष्य को प्राणी मात्र के प्रति दया भाव रखना चाहिए। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।