शावकों के साथ गांव में घुसी मादा पैंथर, सोते हुए अधेड़ को दबोचा, जख्मी
गणेशपुर (डूंगरपुर) | डूंगरपुर जिले की आसपुर पंचायत समिति की गणेशपुर ग्राम पंचायत के ढेकुआ फला में बीती रात मादा पैंथर ने शावकों के साथ आंगन में सोए युवक पर हमला कर दिया। जाग होने से कुनबा जंगल में भाग गया, लेकिन इंसानों पर हमले की घटना दो साल बाद फिर से शुरू होने से वन विभाग की नींद उड़ गई है। शुक्रवार रात दो बजे हालिया पुत्र कचरा(50) अपने परिवार के साथ घर के बाहर आंगन में सोया था। एक मादा पैंथर ने हालिया के दोनों पैर जबड़ों में दबोच लिए।
दर्द से कराहते हुए वह उठा तो उसकी आंखों के आगे एक पैंथर और दो शावक थे। डर से कांपते हुए उसने शोर मचाया। आंगन और आसपास के घरों में सोए लोग उठ गए। वे पैंथर की और हल्ला करते हुए बढ़े तो मादा पैंथर शावकों के साथ भाग गई। लोगों ने पीछा किया, लेकिन वह जंगल में गुम हो गए। परिजन उसे रात को ही गंभीर हालत में रामगढ़ अस्पताल ले गए। वहां मरहम पट्टी कराई और घर लेकर आए। पैंथर ने अपने दांत उसके पैरों में गढ़ा दिए थे, ऐसे में दर्द से उसकी हालात खराब है। इधर, हमले की खबर मिलने के बाद आसपास के सभी नाकों से वनकर्मी पहुंच गए। इसके बाद से आसपास के क्षेत्र में पैंथर और शावकों की तलाश शुरू की। देर शाम तक सुराग नहीं लगा।
पूर्व में भी पैंथर ने किया था बकरियों पर हमला
ढेकुआ फला में 4 माह पूर्व आलिया के घर पर पैंथर ने घर के बाहर बंदी बकरियों पर हमला किया था। जिसमें चार बकरी को मार दिया था। परिवार का दर्द है कि उन्हें अब तक इसका मुआवजा नहीं मिला है। बकरी के शिकार पर दो हजार रुपए मुआवजे का प्रावधान है। सरपंच सुरता भगोरा, पूंजीलाल पाटीदार, थावरा भाई, वन विभाग से हरगोविंद पाटीदार, रमेश मीणा मौके पर बने हुए है।