करड़ा | निकटवर्ती गुदांऊ गांव में ग्रामीणों को फ्लोराइड मुक्त पेयजल सुलभ करवाने के लिए लगा आरओ दो साल से बंद पड़ा है। ऐसे में लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद नकारा पड़े आरओ को गांव में इन दिनों जीएलआर निर्माण में लगे ठेकेदार के मजदूरों ने अपना निवास बना रखा है। ऐसे में आरओ में लगा सामान भी खराब हो चुका है। गुदांऊ गांव में ढाई साल पहले आरओ स्थापित किया गया था, लेकिन लगाने के कुछ दिन बाद ही बंद हो गया था। तब से आज तक नकारा ही पड़ा था। पिछले कुछ दिन से ठेकेदार ने इसमें श्रमिकों के लिए निवास बना दिया है। रसोई बनाने के लिए गैस सिलेंडर तक आरओ में रखे हुए हैं। ऐसे में आरओ में लगी मशीनरी खराब हो रही है, वहीं आरओ लगाने का उद्देश्य भी पूर्ण नहीं हो रहा है।