रंधावा रोड पर स्थित रेलवे लाइन के अंडरपास के नजदीक एक किसान की लापरवाही के कारण खेतों का सारा पानी सड़क पर आ गया। जो पानी इस अंडर ब्रिज में जमा हो गया। पानी की गहराई करीब 3 से 4 फुट होने के कारण इस रोड से होकर गुजरने वाले करीब 20 गावों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
धान की बिजाई के लिए क्षेत्र के एक किसान की मोटर से रोजाना हो रही 24 घंटे पानी की सिंचाई के कारण रात को खेतों का पानी ओवरफ्लो होकर इस ब्रिज में जमा हो गया।
सुबह होते ही इस जमा पानी के कारण यहां से गुजरने वाले लोगों को करीब 6 किलोमीटर लंबे मार्ग से होकर जाना पड़ा। यहां पर पानी गहरा होने के कारण दो पहिया, तीन पहिया वाहन चालकों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।
लोगों को हुई परेशानी, स्कूल भी ना जा सके बच्चे: उक्त अंडरपास में पानी जमा होने के कारण शुक्रवार को लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रंधावा रोड पर खरड़ से लेकर गांव गड़ांगा तक करीब 20 गावों के लोग उक्त एकमात्र रास्ते से होकर गुजरते हैं। सिर पर बने उक्त अंडरपास पर जब भी पानी भर जाता है, तो उक्त गांवों का संपर्क रंधावा रोड से टूट जाता है व लोगों को अन्य रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है, जो करीब 6 किलोमीटर लंबे रास्ते हैं। शुक्रवार सुबह जहां आम लोग परेशान हुए, वहीं स्कूल बसें भी इस ब्रिज को पार करने की बजाए वापस लौट गई व अधिकतर बच्चे स्कूल भी नहीं जा पाए। हैरानी की बात तो यह रही कि शुक्रवार को वर्किंग डे होने के बावजूद प्रशासन ने उक्त समस्या के लिए कोई भी समाधान नहीं करवाया। रात तक उक्त अंडरपास के नीचे पानी इसी तरह जमा रहा।
20 गांवों के लोग हुए परेशान
सरकार ने 25 जुलाई से पहले धान की बिजाई ना करने की कर रखी है अपील...
पंचायत यूनियन पंजाब के प्रधान हरिमंदर सिंह मावी ने कहा कि पंजाब सरकार के आदेशों के अनुसार 25 जुलाई से पहले जीरी की बजाई नहीं की जा सकती। इसके विपरीत किसानों द्वारा अभी से धान की बिजाई शुरू कर दी गई है। जिसकी सिंचाई 24 घंटे किए जाने के कारण पानी व बिजली की भी वेस्टेज ही हो रही है। उन्होंने कहा कि उक्त किसान को पंजाब सरकार द्वारा 24 घंटे बिजली का कनेक्शन दिया हुआ है। बिजली निशुल्क होने के कारण किसान इसका दुरुपयोग कर रहे हैं। पंजाब सरकार द्वारा अधिकतर किसानों को 8 घंटे बिजली निशुल्क दी जा रही है। लेकिन, कुछ किसानों की ओर से सरकार ध्यान नहीं दे रही है। जिनके पहले से चल रहे 24 घंटे निशुल्क बिजली वाले कनेक्शन अब भी जारी हैं। इन्होंने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि इस प्रकार नियमों के विपरीत हो रही खेती व पानी बिजली के दुरुपयोग की मॉनिटरिंग की जाए व इन पर शिकंजा कसा जाए।