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रेशम सिंह को पुलिस रिमांड के दौरान विजिलेंस टीम लाई बीडीपीओ दफ्तर

ब्लॉक समिति खरड़ के पूर्व चेयरमैन रेशम सिंह को स्टेशनरी घोटाले में गिरफ्तार किए जाने के बाद विजिलेंस मोहाली की टीम...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 09, 2018, 02:00 AM IST

ब्लॉक समिति खरड़ के पूर्व चेयरमैन रेशम सिंह को स्टेशनरी घोटाले में गिरफ्तार किए जाने के बाद विजिलेंस मोहाली की टीम द्वारा शुक्रवार को मोहाली अदालत में पेश करने के बाद उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया गया है। अदालत से रिमांड प्राप्त होने के बाद विजिलेंस विभाग की टीम इंस्पेक्टर इंदरपाल सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार शाम 4 बजे बीडीपीओ दफ्तर खरड़ पहुंची। इस दौरान इस टीम के साथ आरोपी चेयरमैन रेशम सिंह भी मौजूद था।

इस टीम द्वारा करीब सवा घंटा उक्त कार्यालय के रिकाॅर्ड खंगाले गए। जिस दौरान इस टीम ने कई दस्तावेज रेशम सिंह को दिखाकर हस्ताक्षर पहचानने के लिए कहा गया। लेकिन, हर बार रेशम सिंह का एक ही जवाब था कि हस्ताक्षर उसके नहीं हैं। इस टीम द्वारा कई रिकाॅर्ड कब्जे में लिए गए। वहीं, कुछ रिकाॅर्ड इस टीम द्वारा बीडीपीओ खरड़ राणा प्रताप सिंह से मांगे गए गए हैं, जो रिकाॅर्ड शनिवार तक विजिलेंस को सौंपने के आदेश दिए गए हैं। विजिलैंस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी के बाद उक्त आरोपी ने कई हैरानीजनक खुलासे किए हैं। आरोपी ने प्राथमिक पूछताछ में बताया कि स्टेश्नरी की खरीदारी संबंधी सारी कार्रवाई उस समय के बीडीपीओ द्वारा की जाती थी, उसे तो उसका हिस्सा पहुंच जाता था। उसे नहीं मालूम कि बीडीपीओ दस्तावेज कैसे और किसकी मिलीभगत से बनाता था।

इस मौके पर मौजूद विजिलेंस अधिकारी ने बताया कि इनके द्वारा ऑफिशियल रिकाॅर्ड जांचे गए हैं। वहीं, जो रिलेवेंट रिकाॅर्ड उन्हें चाहिए, उसे मुहैया करवाने के लिए बीडीपीओ खरड़ को शनिवार तक का समय दिया गया है। इस रिकाॅर्ड में रेशम सिंह के कार्यकाल के समय की कैशबुक, पंचायत समिति रिकाॅर्ड व अन्य दस्तावेज मांगे गए हँ। बता दें कि विजिलेंस द्वारा दर्ज किए गए धोखाधड़ी एवं भ्रष्टाचार के मामले के अनुसार उक्त पूर्व चेयरमैन ने पूर्व बीडीपीओ जतिंदर सिंह ढिल्लों की मिलीभगत से पंचायत समिति में स्टेश्नरी खरीद के नाम पर करीब 37.50 लाख रुपए की धांधली की है। जिस मामले में सारी खरीद पुनीत मित्तल, जतिंदर मित्तल व रजिंदरपाल मित्तल की जेआर प्रिंटर्स नामक फर्म से दिखाई गई लेकिन उक्त स्टेश्नरी खरीदी ही नहीं गई। विजिलेंस का दावा है कि इस तरह के कई और घोटाले सामने आने की उम्मीद है। विजिलेंस टीम द्वारा पूर्व चेयरमैन रेशम सिंह को वीरवार को गिरफ्तार किया था।

विजिलेंस का दावा है कि इस तरह के कई और घोटाले सामने आएंगे

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