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गौशाला प्रशासनिक अनदेखी के कारण मौजूदा क्षमता से ज्यादा चल रही ओवरलोड

3 वर्ष पहले
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लांडरां रोड खरड़ पर स्थित श्री गोपाल माता अंबिका देवी गौशाला सेवा समिति खरड़ द्वारा संचालित गौशाला की क्षमता करीब 250 गाय की होने के बावजूद मौजूदा समय में प्रशासनिक अनदेखी के कारण यह गौशाला ओवरलोड हो गई है। लेकिन, बार-बार प्रशासन से मांग किए जाने के बावजूद प्रशासन इस संबंध में गंभीर नजर नहीं आ रहा है।

जिस संबंध में हाल ही में गौशाला सेवा समिति के प्रधान द्वारा लिखित पत्र एसडीएम को सौंपकर उक्त गौशाला में करीब 150 गौवंश को लालडू़ स्थित सरकारी गौशाला में शिफट करने की मांग की गई है। इन लोगों का कहना है कि गरमी के मौसम में गौवंश की देखरेख का बहुत ध्यान रखना पड़ता है। लेकिन, यह गौशाला पहले से ही ओवरलोड होने के कारण इन्हें इन गर्मियों में समस्या हो सकती है। जिसके चलते इनके द्वारा प्रशासन से समस्या के समाधान के लिए सहयोग की अपील की गई है।

गौशाला में 250 गायों की है कैपेसिटी, लेकिन 400 गायों का हो रहा रखरखाव

डेढ़ साल पहले भी इस मामले को लेकर हुआ था धरणा प्रदर्शन... उक्त गौशाला के प्रबंधकों में प्रधान जयपाल अग्रवाल, रजिंदर अग्रवाल, मोहन लाल, विवेक गुप्ता, भूपिंदर कुमार व अन्यों ने बताया कि करीब दो साल पहले उनकी गौशाला में करीब 200 गाय थी, तब सब कुछ सामान्य तौर पर चल रहा था। लेकिन, उस समय शिअद-भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान पंजाब भर में आवारा पशुओं की समस्या को लेकर विभिन्न किसान संगठनों द्वारा पंजाब भर में विशेष आंदोलन के तहत आवारा गायों को पकड़कर एसडीएम ऑफिस ले जाकर धरणा देने का आहवान किया गया था। इसी आह्वान के तहत खरड़ में भी किसान जत्थेबंदियों ने खरड़ व आसपास के क्षेत्रों में घूम रही आवारा गाय व सांड इत्यादि पकड़कर ट्रालियों में लादकर 20 अगस्त 2016 को खरड़ स्थित एसडीएम ऑफिस में धरणा प्रदर्शन किया गया था।

संस्था के सदस्यों ने कहा कि गौशाला में गायों के उपचार, चारा व अन्य व्यवस्था पर होने वाला सारा खर्च संस्था द्वारा खरड़ निवासियों से चंदा इकट्ठा करके ही चलाया जा रहे है। इस गौशाला को नगर कांउसिल खरड़ की तरफ से प्रतिमाह 11 हजार रुपए की सहायता राशि दी जाती है। वह राशि भी 3-4 माह की इकट्ठी ही आती है, जबकि इन 400 गौधन की सेवा पर रोजाना करीब 20 हजार रुपए खर्च आता है। जोकि खर्च खरड़ शहर से इकट्ठे हुए दान की जा रही धनराशि से ही चल रहा है। लेकिन, प्रशासन इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान ही नहीं दे रहा है। इन लोगों ने कहा कि वह निरंतर एसडीएम को उक्त समस्या से अवगत करवाते आ रहे हैं। लेकिन, अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। अब इनके द्वारा दौबारा से एसडीएम से मुलाकात करके कहा गया है कि एसडीएम अपना वायदा पूरा करें व उनके द्वारा इस गौशाला में रखवाई गई करीब 150 गायों को लालडू स्थित सरकारी गौशाला में शिफ्ट करवाएं, ताकि वह गौशाला में क्षमता के अनुरूप ही गौधन की सेवा कर सकें। एसडीएम अमनिंदर कौर बराड़ ने इन लोगों को आश्वासन दिया है कि वह इस संबंध में लालडू गौशाला प्रबंधन से संबंधित एसडीएम से संपंर्क कर समस्या का समाधान निकालेंगी।

एसडीएम ने 150 गायों को कहीं ओर शिफ्ट करने का किया था वायदा... 2016 में स्थिति से निबटने के लिए एसडीएम खरड़ ने इनकी संस्था से संपंर्क स्थापित कर उक्त किसानों द्वारा पकड़कर लाए गए करीब 150 गौवंश को अस्थाई तौर पर गौशाला में कुछ दिनों के लिए रखने के लिए कहा था। तब भी इनकी संस्था ने एसडीएम से कहा था कि गौशाला की क्षमता करीब 250 गाय रखने की ही है। इससे अधिक की व्यवस्था करना उनके बस की बात नहीं है। लेकिन, मौके की नजाकत तो देखते हुए वह लोग कुछ दिनों बाद गायों को अन्य गौशाला में शिफ्ट करवाए जाने के आश्वासन के बाद इन गायों को उक्त गौशाला में रखने के लिए सहमत हो गए थे। इन गौवंश को रखने के बाद उनकी गैशाला में कुल 350 गाय हो गई थी। पिछले डेढ़ साल में कुछ आवारा गौवंश और पकड़े जाने के कारण अब गौशाला में इनकी संख्या करीब 400 हो गई है। जिस कारण गौशाला ओवरलोड हो गई है

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