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लोग मुड़-मुड़कर देखते हैं तो अच्छा लगता है

चंडीगढ़ | पुरानी हिंदी फिल्मों में विंटेज गाड़ियों को हम सबने दौड़ते देखा है। शहर में भी कभी-कभार ये गाड़ियां नजर...

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 03:10 AM IST
लोग मुड़-मुड़कर देखते हैं तो अच्छा लगता है
चंडीगढ़ | पुरानी हिंदी फिल्मों में विंटेज गाड़ियों को हम सबने दौड़ते देखा है। शहर में भी कभी-कभार ये गाड़ियां नजर आती हैं। लेकिन रूटीन में न तो इन्हें कोई ड्राइव करता है और न ही खरीदता है। पर इन गाड़ियों की कलेक्शन का शौक रखने वाले इन्हें अपने हर मौके पर शामिल करते हैं। ऐसी गाड़ियां विंटेज कार रैलीज के अलावा पब्लिक प्लेस पर भी डिस्प्ले होती हैं। ताकि इन गाड़ियों से आज की जेनरेशन रूबरू हो सके, इसलिए खरड़ मोहाली स्थित वीआर पंजाब मॉल में दो दिन का विंटेज कार एक्सपो आयोजित किया गया था। जहां इन पुरानी गाड़ियों का इतिहास फिर से जिंदा हुआ। कारों में दिलचस्पी रखने वाले यंगस्टर्स ने इनके बारे में जाना और इनके साथ सेल्फी ली।

अच्छा लगता है जब लोग मुड़-मुड़कर मेरी कार को देखते हैं: सेक्टर-11 में रहने वाले एएस सोढी की 1964 मॉडल की मॉरिस माइनर यहां डिस्प्ले थी। इनके पास 1951 मॉडल की एक फिएट कार है। बताते हैं- स्कूल जाते वक्त मैं जब गाड़ियों को देखता था, तो साेचता था कि बड़ा होकर मैं भी ऐसी गाड़ियां खरीदूंगा। सोढी ने बताया- 12 साल पहले मैंने डेढ़ लाख में इस गाड़ी को खरीदा था। उसके बाद चार बार यूके से ऑरिजनल स्पेयर पार्ट्स इंपोर्ट करवाकर इसमें फिट किए हैं। यानी कि इस गाड़ी पर अब तक साढ़े पांच लाख का खर्चा आ चुका है। उन्होंने बताया- हफ्ते में एक बार मैं इस कार को जरूर चलाता हूं। अच्छा लगता है जब लोग मुड़-मुड़कर मेरी कार को देखते हैं।

बचपन का शौक हुआ बड़ा तो की कलेक्शन शुरू: विंटेज एंड क्लासिक कार क्लब चंडीगढ़ के सेक्रेटरी बीएस मानको की तीन गाड़ियां फ्रांसीसी कार- सिट्रॉन, शेवरले लीटमास्टर और शेवरले 1960 मॉडल डिस्प्ले थीं। इन तीन गाड़ियों के अलावा इनके पास चार और विंटेज गाड़ियां हैं। बताते हैं - बचपन में मैं अपने पापा के साथ इन्हीं गाड़ियों में घूमता था। बड़े होते-होते इनसे लगाव बढ़ता गया। फिर मैंने इन गाड़ियों की कलेक्शन शुरू की। बोले- उनका यह क्लब चंडीगढ़ प्रशासन के साथ मिलकर दो एनुअल इवेंट्स- चंडीगढ़ कार्निवल और रोज फेस्टिवल में इन विंटेज गाड़ियों को डिस्प्ले करते हैं। अच्छा लगता है जब यंगस्टर्स पास आकर इन गाड़ियों की तारीफ करते हैं और इनके बारे में पूछते हैं।

Vintage Car

यह गाड़ियां हुई थीं डिस्प्ले

क्लासिक अमेरिकन कार- शेवरले लीटमास्टर (1948) को नई दिल्ली में शेवरले समारोह में 100 वर्षों की सबसे ओरिजनल कार का अवाॅर्ड मिला है। दूसरी कारों में फ्रांसीसी कार- सिट्रॉन (1938), डॉज किंग्सवे (1957) , फोर्ड टूअर (1932), मॉरिस माइनर (1964), ऑस्टिन 8 (1932), ऑस्टिन समरसेट (1952), एमजी टीसी (1948) और प्लेमाउथ सेवॉय (1957) खास थीं।

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