खरगोन | शहर के बस स्टैंड स्थित श्रीराम मंदिर धर्मशाला परिसर में चल तत्वमयी शिवपुराण कथा के चौथे दिन शनिवार को व्यासपीठ विराजित संत शिवोहम भारती ने शिव-पार्वती विवाह का मनोहारी प्रसंग सुनाया। कथा के दौरान प्रस्तुत जीवंत झांकी में माता पार्वती की वेषभूषा में सजी आर्वी शर्मा ने भगवान शिव के रुप में सजी सिद्धी जर्वे के गले में वर माला डाली। मंत्रोच्चार पंडित विजय गीते, हरिओम गीते, कपूर शर्मा, पंकज शर्मा आदि ब्राह्मणों ने किया। विवाह प्रसंग पर समूचा परिसर भोले शंभू भोलेनाथ, माता पार्वती के जयकारों से गूंज उठा। श्रोताओं ने पुष्पवर्षा की।
कथा इसलिए भी अनोखी हैं कि यहां कथावाचक संत शिवोहम भारती आंखों पर पट्टी बांधकर कथा वाचन करते हैं और उनके साथ संगीत मंडली नेत्रहीन होकर कर्णप्रिय भजनों पर श्रोताओं को भावविभोर कर देती है। दो दिन पूर्व ही कथावाचक सहित संगीत दल को गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड के प्रमुख सचिव मनीष विश्नोई ने दुनिया की अनोखी कथा का प्रमाण-पत्र देकर स मानित किया हैं।