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गैरलाइसेंसी हैं व्यापारी, फसल बेचने के लिए जाना पड़ेगा खंडवा या इंदौर

3 वर्ष पहले
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खरगोन में सब्जी मंडी अधिसूचित नहीं है। इससे यहां पर प्याज खरीदी के लिए किसी व्यापारी ने लाइसेंस नहीं लिया। अनाज व्यापारी प्याज की खरीदी में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। मंडी अफसरों को एक सप्ताह पूर्व विज्ञप्ति निकालना पड़ा। लेकिन अब तक किसी व्यापारी ने लाइसेंस के लिए पंजीयन नहीं कराया है।

पुणे-धुलिया से 1500 क्विंटल आता है प्याज

शहर में प्याज की पूर्ति महाराष्ट्र के पुणे व धुलिया से की जाती है। लोकल बाजार में रोजाना 1500 क्विंटल माल उतर रहा है। लोकल किसानों से 500-600 रुपए क्विंटल थोक में ही प्याज खरीद रहे हैं। सब्जी बेचने के लिए शहर आने वाले किसानों को उचित दाम दिलाने के लिए मंडी प्रबंधन उत्तरदायी नहीं है। बीते चार माह से नगरपालिका ने अनाज मंडी में व्यापारियोंं को सब्जी खरीदने के लिए जगह उपलब्ध करा दी है, लेकिन सुविधाएं नहीं होने से वहां सब्जी व्यापारी नहीं जा रहे हैं।

भाड़े चुकाने के बाद 5 रु. किलो ही भाव मिलेंगे

समर्थन मूल्य में प्याज बेचने की जानकारी लेने मंडी आए थे। अभी खरीदी नहीं हो रही है। खंडवा या इंदौर मंडी में ले जाने का बता रहे हैं। भाड़े चुकाने के बाद 5 रुपए किलो ही भाव मिलेंगे। - राधेश्याम पाटीदार, किसान

व्यापारी मिलने पर खरीदी शुरू करेंगे

प्याज के लाइसेंसी व्यापारी नहीं होने से खरीदी शुरू नहीं कर पाए हैं। तब तक किसान खंडवा या इंदौर की मंडी में समर्थन मूल्य में बेच सकते हैं। व्यापारी मिलने पर खरीदी शुरू करेंगे। - रामचंद्र भास्कर, मंडी निरीक्षक

खरीदी की जानकारी लेने मंडी पहुंच रहे किसान।

समर्थन मूल्य की खरीदी

18443 क्विंटल हुई 2016 में खरीदी

800 रुपए क्विंटल सरकारी दर

2271 किसानों के पंजीयन

30 जून तक अभी बेच पाएंगे

1 से 31 अगस्त तक भी होगी खरीदी

1500 हेक्टे. में बोवनी

इस वर्ष 1500 हेक्टेयर में प्याज की फसल किसानों ने लगाई है। बीते वर्ष नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से सरकार ने प्याज की खरीदी करवाई थी। 49530 क्विंटल प्याज खरीदा था।

प्याज को स्टोर करना मुश्किल

भंडारण लिए मौसम की अनुकूलता नहीं है। भंडारण शुष्क स्थान पर होना जरूरी है। बारिश में नमी से बचाना पड़ता है। छोटे प्याज उत्पादकों के पास भंडारण की स्थानीय स्तर पर कोई व्यवस्था नहीं है। खरीदी के बाद सरकारी गोडाउन में प्याज का भंडारण होता रहा है।

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