बस स्टैंड पर रात 8 बजे बाद एक भी बस नहीं थी।
1.15 रु. प्रति किमी किराए की है मांग
ऑपरेटरों के मुताबिक फिलहाल सरकार द्वारा तय 92 पैसे प्रति किमी किराया तय है। सरकार किराये में बोर्ड की अनुशंसा बाद 25 फीसदी भी बढ़ाती करती है तो प्रति किमी 23 पैसा बढ़ जाएंगे। इससे 1 रुपए 15 पैसे किराया हो जाएगा। बस मालिकों की मांग पर सरकार ने किराया बोर्ड का गठन किया था। इसने रिपोर्ट सरकार को दी। इसमें बोर्ड का 25 फीसदी की बढ़ोतरी का अनुमोदन था।
मरीज और पेशी पर आने वाले लोग होंगे परेशान
बस संचालन नहीं होने से मरीजों व कोर्ट में पेशी पर आने जाने वाले लोगों को परेशानी होगी। जिला अस्पताल में कई लोग भर्ती है। उनकी सोमवार को छुट्टी होगी। घर पहुंचने का साधन उपलब्ध नहीं रहेगा। जबकि जिलेभर के न्यायालय मंे ग्रामीण क्षेत्रों से पेशी पर जाने वाले 500 से ज्यादा लोग परेशान होंगे। दो साल पहले हड़ताल हुई थी। लोगों को परेशान हुए थे।
व्यापार भी प्रभावित होगा, वैक्ल्पिक व्यवस्था भी रोक सकते हैं
बस संचालन नहीं होने जिले का व्यापार भी बुरी तरह से प्रभावित होगा। सामान की खरीदी-बिक्री बहुत कम होगी। इसके अलावा बस एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है वैक्ल्पिक व्यवस्था भी रोक सकते हैं। छोटे वाहन संचालित हो सकते हैं। पदाधिकारियों ने बताया हड़ताल में छोटे वाहन संचालक भी साथ दे। क्योंकि उनका भी फायदा होगा।