भारतीय जैन संगठना खरियार रोड शाखा की ओर से बच्चों काे कॅरियर संबंधी टिप्स देने के लिए मार्गदर्शन शिविर का आयोजन किया गया। जैन मंदिर परिसर में आयोजित कॅरियर मार्गदर्शन शिविर में काउंसलर गगन बरड़िया ने कहा कि अपने बच्चों का कॅरियर चयन करते समय अभिभावक काफी शांत मन से सोंच समझकर कदम उठाएं, क्योंकि अभिभावकों के द्वारा उठाया गया कदम बच्चों का भविष्य तय करता है। गगन ने कहा कि वर्तमान समय में पालक दुनिया की चकाचौंध में बच्चे पर बहुत अधिक अंक लाने के लिए दबाव डालते हैं। साथ ही अपनी इच्छा के अनुरूप बच्चों का भविष्य तय करने की मानसिकता के चलते हैं, जो गलत है। बच्चों के बेहतर कॅरियर निर्माण के लिए पालकों को चाहिए कि वे यह जाने की बच्चे क्या बनना चाहते हैं। किस क्षेत्र में उनकी रुचि है? इन बातों को ध्यान में रखकर ही बच्चों के कॅरियर का चुनाव करें।
इस दौरान भारतीय जैन संघटना खरियार रोड शाखा की ओर से अध्यक्ष राकेश जैन, महिला शाखा की अध्यक्षा सुषमा चतुर्मुथा के नेतृत्व में आयोजन किया गया। इसमें पूर्व जिलाध्यक्ष बंशीलाल डागा, पूर्व अध्यक्ष शांतिलाल डूंगरवाल जैन, उत्तमचंद बोरूंदिया, श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ के अध्यक्ष प्रेमचंद डागा, शैलेंद्र बोथरा, राजेंद्र जैन, दिलीप सिंह गांधी, वर्धमान स्थानकवासी जैन श्री संघ के अध्यक्ष त्रिलोक चंद सोनी, पारसमल मालू अतिथि के रूप में उपस्थित थे। आयोजन में जसराज बोथरा, जितेंद्र गोठी, भिखम बोथरा, श्रेयांश चतुर्मुथा, राहुल जैन, नीलम जैन, प्रिया गोठी, सविता जैन, संतोष बोथरा, ममता ढुंगरवाल, संगीता सोनी, कीर्ति मालू, ममता शाह, मोना जैन, शालीनी पारख, किरण धोलकिया, कान्ता चतुर्मुथा, कुमीशा धोलकिया, किरण बोथरा, मिनु बोथरा सहित का योगदान रहा।
खरियार रोड.मार्गदर्शन शिविर के दौरान उपस्थित भारतीय जैन संगटना खरियार रोड के सदस्य ।
कॅरियर के हैं ढेरों ऑप्शन
कॅरियर काउंसलर गगन बरड़िया ने बताया कि बच्चों के लिए कॅरियर के ढेरों ऑप्शन हैं। बर्शते पैरेंट्स को बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचाना होगा। कोई बच्चा अच्छा सिंगर होता है, लेकिन पैरेंट्स उसे ट्रेनिंग के लिए नहीं भेजते, कोई बच्चा खेल में बेहतर हो सकता है तो कोई अन्य क्षेत्र में। इस प्रकार सभी क्षेत्र में आगे चलकर कॅरियर बनाया जा सकता है। इसे जानने के लिए बच्चों की रुिच पर पैरेंट्स को ध्यान देना चाहिए।