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21 साल के बेटे व 30 साल की सौतेली मां के शव पटरियों पर मिले, पुलिस काे संदेह- प्रेम प्रसंग में की आत्महत्या
वही नकारात्मक खबर, जो अापको जानना जरूरी है।
भास्कर संवाददाता, सूरतगढ़.
करीब 21 साल के एक युवक और 30 साल की उसकी सौतेली मां ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। हत्या के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है। हालांकि पुलिस ने दोनों की उम्र को देखते हुए रिश्तों को लेकर जांच की बात कही है। युवक के पिता ने दूसरी शादी की थी। सौतेली मां व युवक की उम्र की बीच ज्यादा अंतर नहीं है। ऐसे में पुलिस को दोनों के बीच रिश्तों को लेकर शक है।
जानकारी के मुताबिक सूरतगढ़-बीकानेर रेलवे ट्रैक के रास्ते राजपुरा पीपेरण रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह करीब 5 बजे एक विवाहिता व युवक के शव की सूचना ट्रैक मैन सुरेश कुमार ने स्टेशन मास्टर को दी। इसके बाद सीआई निकेत पारीक मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर विवाहिता का आधार कार्ड, युवक का मोबाइल व एटीएम कार्ड मिला। इनके आधार पर विवाहिता के पति साहबराम को सूचना दी, जिसके चलते दोनों की शिनाख्त हुई।
मृतका की पहचान बिरमादेवी (30) प|ी साहबराम व युवक सुनील मेघवाल (21) निवासी लखासर (पीलीबंगा) के रूप में हुई। बिरमादेवी रिश्ते में सुनील की सौतेली मां है। पुलिस ने दोनों शवों के पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिए। पुलिस ने जीआरपी के कांस्टेबल सुरेंद्र कुमार की रिपोर्ट के आधार पर मर्ग दर्ज की है। दोनों के शव ट्रैक पर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में पड़े थे। इसके देखकर एकबारगी लोग व पुलिसकर्मी भी सहम गए। बहरहाल मामले को लेकर पुलिस जांच में जुटी है।
भास्कर पड़ताल
करीब 45 साल के साहबराम की पहली शादी मैनादेवी से हुई थी। दोनों के 2 बेटे व एक बेटी हुए। आत्महत्या करने वाला सुनील सबसे बड़ा था। आज से करीब 12 साल पहले मैनादेवी ने मिट्टी का तेल डालकर जान दे दी थी। इसके बाद साहबराम ने दूसरी शादी की सोची। तभी उसे बिरमादेवी का ख्याल आया। बिरमादेवी उस समय तलाकशुदा थी और उसके 3 बेटियां हैं। साहबराम व बिरमादेवी रिश्ते में जीजा-साली भी लगते थे और दोनों की उम्र में करीब 15 साल का अंतर था। आखिर दोनों ने शादी कर ली। सुनील चिनाई मिस्त्री का काम करता था।
तीन साल की मासूम व बुजुर्ग को बस स्टैंड पर बिठा सुनील-बिरमा निकल गए और लौटे नहीं
मृतका के पिता श्योकरणराम ने बताया कि उसकी बेटी बिरमा अपनी तीन साल की बेटी के साथ 5 दिन पहले ही अपने पीहर किशनपुरा ढाणी आई थी। शनिवार को मृतका ने अपने पिता से कहा था कि वह ससुराल लखासर जाएगी, इसलिए उन्हें बस स्टैंड पर छोड़ आओ। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे पिता अपनी बेटी को छोड़ने उनके साथ सूरतगढ़ बस स्टैंड पर आ गया। तभी सुनील ने श्योकरणराम (रिश्ते में नाना) से कहा कि वो बैंक जाकर आ रहे हैं, आप यहीं बैठे रहो। मासूम बच्ची का ध्यान रखना। यह कहकर दोनों सुनील व बिरमादेवी बस स्टैंड से चले गए। बस स्टैंड पर बैठे पिता ने उनका शाम तक इंतजार किया, लेकिन दोनों वापस नहीं आए और श्योकरणराम घर लौट गया। सरकारी अस्पताल में बेटी का शव देख वृद्ध पिता श्योकरणराम भी फफक उठे।
भास्कर अपील
...क्योंकि आपकी एक छोटी-सी पहल बेशकीमती जानें बचा सकती है... और यह हम सबकी जिम्मेदारी है
परिवार
एकल प्रणाली के कारण व्यक्ति का पारिवारिक दायरा सिकुड़ा है। सोशल मीडिया ने इनके बीच भी संवाद में कमी ला दी है। परिवार का दायरा बढ़ाएं। दिन में एक बार खाना साथ खाएं। साथ बैठ बातें शेयर करें। परिवार में किसी भी सदस्य को परेशान देखें तो उससे खुलकर बात करें।
दोस्त-सहकर्मी
दिन का लंबा वक्त सहकर्मियों एवं दोस्तों के साथ भी बीतता है। इनमें से कई ऐसे भी होते हैं, जिनसे बात कर व्यक्ति हल्का महसूस करता है। दोस्तों से रोज नहीं पर माह में 2-3 बार मिलें, फोन पर बात करें। सहकर्मी एवं दोस्त भी किसी साथी का अजीब व्यवहार देखें तो पूछताछ करें, परिवार से जानकारी लें।
समाज
सभी लोगों की जिम्मेदारी है कि जब भी किसी पड़ोसी या परिचित में किसी परिवार को किसी भी कारण संकट में देखें तो उनकी मदद करें। समाज के लोग सभी को जोड़ने की पहल करें। आपकी एक छोटी सी मदद या सपोर्ट कई बेशकीमती जानें बचा सकता है।
सुनील की पहली मां मैनादेवी ने 12 साल पहले किया था सुसाइड इसलिए थोड़े समय बाद पिता ने साली बिरमादेवी से की दूसरी शादी
भास्कर एक्सपर्ट
अपनों का व्यवहार थोड़ा सा भी अलग देखें तो आगे बढ़कर उससे बात करें
डॉ. इतिश्री सिडाना एमडी मनोरोग विशेषज्ञ
इसलिए उठ रहे रिश्तों पर सवाल
सुनील पिता को कहता काम पर जा रहा हूं, लेकिन बिरमादेवी के पास पहुंच जाता
पुलिस के अनुसार साहबराम का बड़ा बेटा सुनील करीब 21 साल का था और उसकी सौतेली मां बिरमादेवी 30 की। इन परिस्थितियों में दोनों की नजदीकियों पर सवाल लाजिमी है। वहीं कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिससे भी तरह-तरह की बातों को ताकत मिल रही है। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि शुक्रवार को बिरमादेवी के पास किशनपुरा ढाणी में सुनील भी आया था, जो 2 दिन से यहीं रह रहा था। सुनील का एक और झूठ जो शक पैदा करता है। सुनील ने खरलियां में चिनाई के काम पर जाने की बात अपने पिता से कही थी, लेकिन वह बिरमादेवी के पास चला गया। उधर जब सुनील घर नहीं आया तो पिता ने साथी मिस्त्री से पूछा तो पता चला कि वह काम पर आया ही नहीं।