16 बिंदुओं पर सहमति, इस सरकार में आंदोलन नहीं कर सकेंगे गुर्जर
ओबीसी केटेगराइजेशन की मांग को लेकर गुर्जरों की आंदोलन की चेतावनी के बाद शनिवार को सचिवालय में छह घंटे वार्ता हुई। इसमें राज्य सरकार और गुर्जरों के बीच उन्हीं 16 बिंदुओं पर समझौता हो गया, जिन्हें 14 मई को भरतपुर के अड्डा गांव की महापंचायत में गुर्जर समाज ने खारिज कर दिया था। समझौते में गुर्जर नेताओं को आंदोलन नहीं करने के लिए बाउंड भी कर दिया गया है। समझौते के मायने समझे जाएं तो गुर्जर समाज राज्य सरकार के शेष बचे कार्यकाल में आंदोलन ही नहीं कर सकेगा। सहमति यह बनी है कि केंद्र में ओबीसी केटेगराइजेशन के लिए बनी जस्टिस रोहिणी कमेटी की सिफारिशें लागू होने के बाद ही राज्य सरकार इसका राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग से अध्ययन कराएगी। इसके बाद ही प्रदेश में ओबीसी केटेगराइजेशन पर निर्णय होगा। जस्टिस रोहिणी कमेटी का कार्यकाल 28 जून तक है और इसे बढ़ाया भी जा सकता है। इसके बाद कमेटी की सिफारिशों के अध्ययन और राजनीतिक एप्रोच के साथ मंथन में पांच से छह महीने का समय लगेगा। इस बीच इस सरकार का कार्यकाल खत्म होगा या आचार संहिता लग जाएगी और गुर्जर आंदोलन नहीं कर पाएंगे।
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