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बजट ने अटकाई शिक्षा विभाग की कुंडली, एसएसए जारी नहीं कर पा रहा रिपोर्ट कार्ड

3 वर्ष पहले
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बजट के अभाव में शिक्षा विभाग की कुंडली बनने का काम अटक गया है। प्रदेश के स्कूलों की स्थिति को लेकर सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) हर साल एक रिपोर्ट कार्ड जारी करता है। लेकिन इस बार बजट के अभाव में यह जारी नहीं हो पाया है। बजट अटकने के पीछे सर्व शिक्षा अभियान और माध्यमिक शिक्षा अभियान के मर्ज होने को बड़ा कारण बताया जा रहा है। इसी के चलते अभी तक बजट नहीं आया। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह रिपोर्ट कार्ड अब अगले महीने ही जारी होने की संभावना है। इसी रिपोर्ट कार्ड के आधार पर शिक्षा विभाग योजनाएं तैयार करता है। अब इसमें लेटलतीफी से योजनाएं बनाने का काम भी देरी से शुरू होगा।

सर्व शिक्षा अभियान की ओर से जारी होने वाला यह रिपोर्ट कार्ड पांच साल पहले फरवरी में जारी हुआ था। इसके बाद इसमें देरी हुई, लेकिन पिछले दो सालों में इसमें सुधार हो गया था। पिछले साल तो यह रिपोर्ट कार्ड 22 मार्च में ही प्रकाशित हो गया था। इस साल वर्ष 2017-18 का रिपोर्ट कार्ड जारी होना है। इसमें इस सत्र में प्रदेश के शिक्षा के ढांचे की पूरी तस्वीर जारी होती है। इसी के आधार पर विभाग आगे कई प्रकार की योजनाएं बनाता है। यह रिपोर्ट कार्ड केंद्र सरकार को भी भेजा जाता है। जिसके आधार पर केंद्र से भी अलग-अलग योजनाओं में मदद मिलती है। यह सत्र पिछले साल मई में शुरू होकर अप्रेल में खत्म हो चुका है। अब तो सत्र 2018-19 भी शुरू हो चुका है। रिपोर्ट कार्ड के लिए पिछले साल सत्र शुरू होने के साथ ही जानकारी एकत्रित करने का काम शुरू हो जाता है। लेकिन अभी तक भी इसको अंतिम रूप नहीं दिया गया है।

सरकारी स्कूलों की जिलेवार होती है पूरी डिटेल

सालाना प्रकाशित होने वाले इस रिपोर्ट कार्ड में प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों की संख्या, इनमें नामांकन और शिक्षकों की स्थिति की पुरी रिपोर्ट होती है। नामांकन में भी कक्षावार और कैटेगरी वार नामांकन दर्शाया जाता है। इसके अलावा सरकारी स्कूलों के भवन, किराये के भवन में चल रहे स्कूलों की स्थिति, टॉयलेट, पेयजल, बिजली कनेक्शन की स्थिति की पूरी जानकारी होती है। यह जानकारी ना केवल प्रदेश के स्कूलों की एक साथ होती है, बल्कि हर जिले की जानकारी भी अलग-अलग प्रकाशित होती है। इसी के आधार पर विभााग तय करता है कि किस जिले में बिजली, पानी, टाॅयलेट की सुविधा देने, कमरे बनाने, भवन बनाने की योजना तैयार करने में मदद मिलती है।

पिछले सालों में कब-कब जारी हुआ रिपोर्ट कार्ड

सत्र जारी करने की तिथि

2016-17 22 मार्च 2017 को

2015-16 2 मई 2016 को

2014-15 15 जून 2015 को

2013-14 4 अगस्त 2014 को

2012-13 30 जुलाई 2013 को

2011-12 20 फरवरी 2013 को

यह है एसएसए का सालाना बजट

वर्ष कुल बजट

2011-12 3047.69

2012-13 3405.54

2013-14 3641.00

2014-15 4256.38

2015-16 4256.35

2016-17 4543.66

2017-18 3660.79

(रुपए करोड़ों में)

सर्व शिक्षा अभियान के पास केंद्र से करोड़ों रुपए का बजट आता है। इसके बावजूद रिपोर्ट कार्ड बनाने में देरी से विभागीय योजनाएं प्रभावित होंगी। विभाग का रिपोर्ट कार्ड समय पर तैयार नहीं होना, एसएसए के अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है। पूरा सत्र बीत जाने के बावजूद इसको तैयार नहीं करना हैरान करता है। - शशिभूषण शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ

फिलहाल बजट के अभाव में एसएसए का रिपोर्ट कार्ड जारी नहीं हो पाया है। केंद्र सरकार से बजट आना है। बजट आने के बाद जून तक ही इसके जारी होने की संभावना है। - अल्का तिवारी, उपनिदेशक, एसएसए

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