पेट्रोल-डीजल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को दावा किया कि लोगों को राहत देने के लिए सरकार विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वे विकल्प क्या हैं और उन पर कब तक अमल किया जाएगा। इस बीच, इंडस्ट्री ने सरकार से पेट्रोल और डीजल पर तत्काल एक्साइज ड्यूटी घटाने की मांग की है। फिक्की और एसोचैम ने कहा कि महंगे क्रूड से रुपया कमजोर होगा और आयात बिल बढ़ेगा। मौद्रिक नीति में ब्याज दरें बढ़ने से निजी निवेश कम होगा। इसलिए सरकार को पेट्रोल-डीजल पर तत्काल एक्साइज ड्यूटी घटानी चाहिए। राज्यों के साथ पेट्रो उत्पादों को जीएसटी में लाने पर भी चर्चा करनी चाहिए।
एसबीआई रिसर्च ने एक रिपोर्ट में कहा कि कच्चे तेल की कीमत 10 डॉलर प्रति बैरल बढ़ने पर आयात बिल में 8 अरब डॉलर (54,000 करोड़ रुपए) का इजाफा होगा। पिछले वर्ष तेल आयात बिल में 20% बढ़ोतरी हुई थी, क्योंकि मार्च 2017 तक तेल 53 डॉलर प्रति बैरल पर था जो इस वर्ष मार्च में 70 डॉलर पर पहुंच गया।
रिपोर्ट में मार्च 2019 तक इसके 90 डॉलर तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है। 2018-19 के लिए औसत कीमत 83.9 डॉलर प्रति बैरल होगी जबकि 2017-18 में 73.6 डॉलर थी। यदि इस वर्ष जून में कीमत 90 डॉलर के पार गई तो मार्च 2019 तक यह 100 डॉलर पर पहुंच सकती है। तब 2018-19 में औसत कीमत 93 डॉलर होगी। इससे जीडीपी में 0.31% की कमी आएगी, महंगाई 0.58% और राजकोषीय घाटा 0.4% बढ़ जाएगा।
क्रूड 10 डॉलर महंगा हुआ तो महंगाई 0.3% बढ़ेगी
पेट्रोल 76.57 रु. और डीजल 67.82 रु. लीटर हुआ
सोमवार को दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 76.57 रुपए और डीजल की 67.82 रुपए हो गई। रविवार की तुलना में पेट्रोल 33 पैसे और डीजल 25 पैसे महंगा हुआ है। 14 मई से 8 दिनों में पेट्रोल के दाम 1.94 रुपए और डीजल के 1.89 रुपए बढ़े हैं।
3 साल में 36% बढ़ चुका है भारत का क्रूड ऑयल इंपोर्ट बिल
2017-18
2016-17
2015-16
2014-15
2013-14
भारत दुनिया का तीसरा बड़ा तेल आयातक है
5.66
4.70
4.70
4.16
6.87
8.65
(आंकड़े लाख करोड़ रुपए में)
क्रूड 10 डॉलर महंगा हुआ तो...
इंडिकेटर आर्थिक सर्वेक्षण एसबीआई रिसर्च
का अनुमान का अनुमान
जीडीपी ग्रोथ 0.2-0.3% ग्रोथ में 0.16% कम होगी कमी आएगी
चालू खाता घाटा 0.4% बढ़ेगा 0.27% बढ़ेगा
महंगाई 1.7% इजाफा 0.3% बढ़ेगी
2018-19 में 2.5% तक पहुंच सकता है चालू खाते का घाटा
एसबीआई रिसर्च के अनुसार कच्चा तेल महंगा होने से 2018-19 में चालू खाते का घाटा बढ़कर जीडीपी का 2.5% हो सकता है। पिछले साल यह करीब 1.7% था। चालू खाते का घाटा एक अरब डॉलर बढ़ने पर रुपए की कीमत करीब 30 पैसे कम होती है। एक अरब डॉलर पोर्टफोलियो निवेश आने पर रुपया 26 पैसे मजबूत होता है।