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अधीनस्थ न्यायालय द्वारा दिया गया फैसला यथावत रखा गया

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | खातेगांव

वर्ष 2007 के धोखाधड़ी के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश मनोज तिवारी द्वारा अधीनस्थ न्यायालय के फैसला को यथावत रखा है। आरोपी को 3 वर्ष का सश्रम कारावास व 5 हजार रु. जुर्माने के निर्णय को सही ठहराया।

मामला वर्ष 2007 का है। आरोपी मप्र राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम के प्रक्रिया केन्द्र स्थित खातेगांव जिला देवास में कनिष्ठ उत्पादन सहायक सह प्रभारी बीज प्रक्रिया केन्द्र के पद पर पदस्थ था। आरोपी पर गड़बड़ी करके 7 लाख 55 हजार रुपए की राशि का गबन कर उसके दुरुपयोग करने का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी को अधीनस्थ न्यायालय में पेश किया। अपील प्रकरण में आरोपी बुन्देलसिंह रामलाल गुर्जर निवासी नसरूल्लागंज जिला सीहोर की सजा बरकरार रखी गई है। राज्य शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक गिरधर गोपाल तिवारी ने की।

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