नई गल्लामंडी में किसानों का गुस्सा शनिवार को फूट पड़ा। किसानों ने मंडी गेट में ताला डालकर जमकर हंगामा किया। मंडी में चना, मसूर उपार्जन केन्द्रों पर मैसेज के बाद आए 450 ट्रैक्टर- ट्राॅली लिए किसान इंतजार कर रहे थे। लेकिन सर्वेयर 3 बजे तक नहीं आया। उसके बाद किसानों के हंगामे को शांत करने के लिए तहसीलदार केएन ओझा मौके पर पहुंचे, दूसरा सर्वेयर बुलाया गया, फिर 3.45 बजे से अनाज की जांच प्रारंभ हुई।
तहसीलदार श्री ओझा ने किसानों की समस्याएं सुनी और उसे हल कराने के लिए अमले को निर्देश दिए। दरअसल चना, मसूर उपार्जन केन्द्रों पर 36 घंटे से इंतजार कर रहे किसानों की सर्वेयर द्वारा अनाज की जांच न किए जाने एवं तीन दिन से तौल के लिए इंतजार कर रहे किसानों के सब्र का बांध टूट गया। किसानों ने पता लगाया तो सर्वेयर खिमलासा मंडी में परिवहन के लिए चला गया था। जिससे किसानों को दिनभर धूप में इंतजार करना पड़ा। परिवहन न होने से मंडी में चना, मसूर की बोरियां नजर आ रही हैं। जिससे तौल करने एवं निकलने के लिए भी जगह नहीं बची है। किसान परेशान हो रहा हैं।
किसान धर्मेंद्र, खुशाल सहित अन्य किसानों ने बताया कि दो दिन से परेशान हो रहे हैं। पहले सर्वेयर अनाज की जांच समय पर नहीं करता है। उसके बाद तौल के लिए परेशानी होती है। ऐसे में किसान को खाना एवं पानी के लिए भी मोहताज होना पड़ रहा है।
किसान अनाज की ट्राॅली या ढेरी छोड़कर कहीं नहीं जा पाता है। जिससे तेज धूप में उसकी हालत खराब है। सभी बीमार पड़ रहे हैं। राजाराम, संतोष का कहना है कि किराए से ट्रैक्टर- ट्राॅली पर अनाज लेकर आए हैं। सर्वेयर के जांच न करने से ट्रैक्टर का किराया तीन से चार दिन का देना पड़ रहा है। ऐसे में किसान को जितना अनुदान नहीं मिल रहा उतनी परेशानी हो रही है। चना, मसूर का परिवहन नहीं किया जा रहा है। जिससे किसानों के खाते में राशि भी नहीं आ रही है।
खुरई में गल्लामंडी में किसानों से चर्चा करते हुए तहसीलदार केएन ओझा।
दो सर्वेयर बुलाए, परिवहन के
लिए चार ट्रक लगवाए, 6
ट्रक रात में लगाए जाएंगे
तहसीलदार श्री ओझा ने बताया कि मैसेज ज्यादा हो गए और परिवहन न होने से ट्रैफिक जाम जैसी समस्या भी उत्पन्न हुई। सर्वेयर द्वारा अनाज की जांच न करने से किसान नाराज हुए। सर्वेयर खिमलासा चला गया था। उसके बाद पहले एक सर्वेयर बुलाकर अनाज की जांच शुरू कराई गई। उसके बाद मदद के लिए दूसरा सर्वेयर भी बुलाया गया, जिससे जांच जल्दी हो। परिहवन के लिए ट्रांसपोर्टर से चार ट्रक बुलाकर तुरंत लगवाए गए। 6 ट्रक रात में लगाए जाएंगे। सभी समितियों को बोरियों की छल्ली लगवाने को कहा गया। जिससे तौल बाधित न हो और किसान परेशानी में न आए।
एक समिति संचालक को थाने पहुंचाया
तहसीलदार ने बताया कि तेवरा समिति के संचालक को बोरियों की छल्ली लगाने को कहा तो वह विरोध जता रहे थे। इसके बाद सख्ती बरतते हुए उन्हें थाने पहुंचाया गया। फिर समिति संचालक मान गए छल्ली लगाने को तैयार हो गए। किसानों ने भी समिति संचालक को छोड़ने को कहा। जिससे तौल एवं अन्य काम प्रभावित न हों।